हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का किया जिक्र
अलीगढ़ के गांधीपार्क थाना क्षेत्र में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई। शहर के जाने-माने समाजसेवी और शिक्षक राज सक्सेना ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने अपनी फेसबुक आईडी पर कई भावुक पोस्ट साझा कीं, जिनमें उन्होंने वर्षों से चली आ रही मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का उल्लेख करते हुए जीवन समाप्त करने का निर्णय लेने की बात लिखी।
सासनीगेट क्षेत्र के बाढ़ा गौर अली निवासी 46 वर्षीय राज सक्सेना लाल बहादुर शास्त्री कन्या महाविद्यालय में कंप्यूटर शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। साथ ही वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते थे। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार, मित्रों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
कॉलेज जाने के लिए निकले, ट्रैक पर मिला शव
राज सक्सेना के भाई अरविंद सक्सेना के अनुसार, बुधवार सुबह वह रोज की तरह करीब 11 बजे घर से कॉलेज जाने के लिए निकले थे। सामान्यतः वह दोपहर में भोजन के लिए घर लौट आते थे, लेकिन इस बार वापस नहीं आए। इसी दौरान शाम करीब चार बजे परिजनों ने उनकी फेसबुक आईडी पर एक पोस्ट देखी, जिसमें आत्महत्या करने की बात लिखी गई थी।
पोस्ट देखने के बाद परिवार के सदस्य और दोस्त घबरा गए और उनकी तलाश शुरू कर दी। जानकारी करने के लिए कुछ लोग कॉलेज भी पहुंचे, जहां उनका मोबाइल फोन मिला। अनहोनी की आशंका के बीच खोजबीन जारी रही। इसी दौरान छर्रा अड्डा पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर पुलिस की मौजूदगी की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने देखा कि राज सक्सेना का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा हुआ था।
छह पोस्ट में बयां किया दर्द
पुलिस जांच में सामने आया कि राज सक्सेना आत्महत्या की पूरी योजना बनाकर घर से निकले थे। उन्होंने कॉलेज में बैठकर फेसबुक पर छह अलग-अलग पोस्ट तैयार कीं और उन्हें निर्धारित समय पर प्रकाशित होने के लिए शेड्यूल कर दिया।
पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा कि 19 नवंबर 2019 से उनकी परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। वह मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं और अब उनमें आगे संघर्ष करने की हिम्मत नहीं बची है। उन्होंने यह भी लिखा कि वह स्वयं आत्महत्या कर रहे हैं और इसके लिए किसी परिजन को परेशान न किया जाए।
पत्नी, बेटी और बेटे के लिए लिखे भावुक संदेश
अपनी पोस्टों में राज सक्सेना ने पत्नी, बेटी और बेटे के प्रति गहरा प्रेम और चिंता व्यक्त की। बेटी आराध्या सक्सेना के लिए लिखे संदेश में उन्होंने कहा कि वह आत्मसम्मानी है और अपनी हर इच्छा केवल पिता से साझा करती थी। उन्होंने परिवार से बेटी का विशेष ध्यान रखने की अपील की।
बेटे आदित्य सक्सेना के लिए लिखे संदेश में उन्होंने उसकी मेहनत और भविष्य की संभावनाओं का जिक्र किया। साथ ही अपने जीजा अरविंद सक्सेना और बहन पिंकी सक्सेना से अनुरोध किया कि वे उनके परिवार का सहारा बनें और बेटे के पूरी तरह स्थापित होने तक उसका मार्गदर्शन करें।
पत्नी को बताया ‘देवी समान’
राज सक्सेना ने अपनी पत्नी अंकिता सक्सेना के लिए लिखी पोस्ट में कहा कि वह उनके जीवन की सबसे बड़ी सहयोगी रही हैं। उन्होंने लिखा कि पत्नी ने उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया और कई बार आत्महत्या के प्रयासों को भी विफल कर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि वह परिवार को बीच मझधार में छोड़कर जा रहे हैं और इसके लिए स्वयं को सबसे बड़ा दोषी मानते हैं।
उन्होंने यह भी लिखा कि उनकी पत्नी ने जीवनभर उनसे कुछ नहीं मांगा और हमेशा उनके लिए समर्पित रहीं। भगवान से प्रार्थना करते हुए उन्होंने लिखा कि पत्नी को आगे कोई कष्ट न मिले।
शरीर दान करने की जताई अंतिम इच्छा
अपनी अंतिम इच्छा का उल्लेख करते हुए राज सक्सेना ने लिखा कि मृत्यु के बाद उनका शरीर मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया जाए, ताकि मरने के बाद भी वह समाज के किसी काम आ सकें। उन्होंने परिजनों, रिश्तेदारों और मित्रों द्वारा जीवनभर मिले सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस के अनुसार राज सक्सेना ने दोपहर करीब 2:45 बजे ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की। उनकी पहली फेसबुक पोस्ट लगभग एक घंटे बाद शाम चार बजे प्रकाशित हुई। इसके बाद अन्य पोस्ट क्रमवार सामने आती रहीं। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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