हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के जरिए यात्रा करने वालों के लिए एडवाइजरी जारी
नई दिल्ली। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए विदेश मंत्रालय ने अहम एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने विशेष रूप से उन भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है, जो निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से यात्रा की योजना बना रहे हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि हाल के दिनों में कई भारतीय नागरिक चीन के लिए आवश्यक वीजा और एंट्री परमिट के बिना नेपाल पहुंच गए, जिसके कारण उन्हें काठमांडू में फंसना पड़ा।
सभी जरूरी दस्तावेज मिलने के बाद ही करें यात्रा
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालु तब तक भारत से अपनी यात्रा शुरू न करें, जब तक उनके पास चीन में प्रवेश के लिए जरूरी सभी यात्रा दस्तावेज, वीजा और एंट्री परमिट उपलब्ध न हों। केवल दस्तावेज मिलने की उम्मीद में यात्रा शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है और इससे यात्रियों के फंसने की आशंका बढ़ जाती है।
अधिकृत टूर ऑपरेटर का ही करें चयन
मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे केवल विधिवत पंजीकृत और अधिकृत टूर ऑपरेटरों की सेवाएं लें। अनधिकृत एजेंसियों के जरिए यात्रा करने से दस्तावेज संबंधी समस्याएं और अन्य परेशानियां सामने आ सकती हैं। वर्तमान में लगभग 52 भारतीय तीर्थयात्री नेपाल की राजधानी काठमांडू में फंसे हुए हैं और सुरक्षित आगे की यात्रा के लिए सहायता की मांग कर रहे हैं।
सुप्रिया सुले ने केंद्र से की हस्तक्षेप की मांग
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने इस मामले को उठाते हुए विदेश मंत्रालय, नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और चीन स्थित भारतीय दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि काठमांडू में फंसे भारतीय श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
विदेश मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए संबंधित भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय किया जा रहा है। गौरतलब है कि 20 जून को कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था नाथू ला दर्रे के रास्ते भारत-चीन सीमा पार कर चीन में प्रवेश कर चुका है।
MEA Issues Advisory for Kailash Mansarovar Pilgrims Over Travel Documents
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