हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 14अप्रैल: 2025,
बचपन की बहादुरी की मिसाल बना विजेंद्र, लेकिन चुकानी पड़ी जान की कीमत
आगरा के थाना फतेहाबाद क्षेत्र के निबोहरा गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। 16 वर्षीय किशोर विजेंद्र ने करंट की चपेट में आए गांव के ही 12 वर्षीय प्रदीप को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की। उसने अपनी जान जोखिम में डालकर प्रदीप को करंट से छुड़ाया, लेकिन खुद करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अंतिम संस्कार से लौटते वक्त दिखा हादसा
गांव बबूलखाना नगरिया निवासी लटूरी सिंह का बेटा विजेंद्र अपने दादा चंदन सिंह के अंतिम संस्कार से लौट रहा था। रास्ते में शाम करीब साढ़े चार बजे वह धर्मजीत सिंह के खेत के पास पहुंचा, जहां उसने देखा कि 12 वर्षीय प्रदीप, जो बच्चू सिंह का बेटा है, खेत के किनारे लगे कंटीले तारों में प्रवाहित करंट की चपेट में आ गया है और दर्द से चीख रहा है।
निडरता से भिड़ा मौत से, बचाया मासूम को
विजेंद्र ने बिना एक पल गंवाए प्रदीप को बचाने की कोशिश की और उसे तारों से खींचना शुरू कर दिया। इस प्रयास में वह खुद बुरी तरह करंट की चपेट में आ गया और झुलस गया। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह दोनों को करंट से अलग किया और अस्पताल ले गए। हालांकि, विजेंद्र की हालत गंभीर थी और अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
विजेंद्र तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था और उसके पिता मजदूरी करते हैं। एक ही दिन में पहले परिवार के बुजुर्ग की मौत और फिर विजेंद्र की वीरगति ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में शोक की लहर है और हर कोई विजेंद्र की बहादुरी को सलाम कर रहा है।
पुलिस कर रही जांच, कार्रवाई की तैयारी
निबोहरा थाने के इंस्पेक्टर ने बताया कि परिजन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया गया है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

















