हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नोटिफिकेशन जारी, पूरे प्रदेश में लागू हुई नई दरें
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम मजदूरी की नई दरों को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मुहर लगा दी, जिसके बाद शुक्रवार को सरकार ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इसके साथ ही नई मजदूरी दरें अब कानूनी रूप से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गई हैं और सभी नियोक्ताओं के लिए इनका पालन करना अनिवार्य होगा।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा विवाद के बाद लिया गया फैसला
हाल ही में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों से जुड़े विवाद और प्रदर्शन के बाद सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया। मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच बढ़ते गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार ने तुरंत एक उच्च स्तरीय समिति गठित की। समिति को मौके पर भेजकर स्थिति का आकलन कराया गया और उसकी सिफारिशों के आधार पर यह निर्णय लिया गया।
तीन श्रेणियों में तय हुई नई मजदूरी
सरकार ने प्रदेश को तीन श्रेणियों में विभाजित करते हुए न्यूनतम मजदूरी तय की है।
- प्रथम श्रेणी (गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद):
अकुशल – ₹13,690, अर्द्धकुशल – ₹15,059, कुशल – ₹16,868 - द्वितीय श्रेणी (नगर निगम वाले अन्य जिले):
अकुशल – ₹13,006, अर्द्धकुशल – ₹14,306, कुशल – ₹16,025 - तृतीय श्रेणी (अन्य सभी जिले):
अकुशल – ₹12,356, अर्द्धकुशल – ₹13,590, कुशल – ₹15,224
इन दरों को अंतरिम राहत के रूप में लागू किया गया है ताकि क्षेत्रीय परिस्थितियों और जीवन-यापन लागत के अनुसार संतुलन बनाया जा सके।
मजदूरी संशोधन में देरी से बढ़ा था अंतर
वर्ष 2019 और 2024 में प्रस्तावित मजदूरी संशोधन लागू नहीं हो पाने के कारण श्रमिकों की आय और महंगाई के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया था। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को ध्यान में रखते हुए अब इस अंतर को कम करने का प्रयास किया गया है, जिससे औद्योगिक शांति बनी रहे और उत्पादन चक्र प्रभावित न हो।
ठेकेदारों पर सख्ती, 1.16 करोड़ का जुर्माना
नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान श्रम विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए 24 फैक्ट्रियों से जुड़े 200 से अधिक ठेकेदारों पर कुल 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। 203 ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिनके लाइसेंस निरस्त करने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी भी की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मजदूरी में किसी भी प्रकार की कटौती या नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
औद्योगिक गतिविधियां सामान्य होने लगीं
ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उद्यमियों के अनुसार करीब 80 प्रतिशत श्रमिक काम पर लौट आए हैं। जो श्रमिक गांव चले गए थे, उन्हें वापस बुलाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस सुरक्षा बढ़ाए जाने से औद्योगिक क्षेत्रों में शांति का माहौल बना हुआ है।
श्रमिकों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ
नई मजदूरी दरों के साथ श्रमिकों को पीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा। साथ ही ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से श्रमिकों की आय बढ़ेगी, जीवन स्तर सुधरेगा और उद्योगों में स्थिरता आएगी।
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