हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 25 अप्रैल: 2025,
अलीगढ़, 25 अप्रैल:
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के रसायन इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित विश्वविद्यालय विस्तार व्याख्यान में प्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं पद्म श्री सम्मानित प्रोफेसर अशुतोष शर्मा ने ‘नई सहस्त्राब्दी में विज्ञान और वैज्ञानिकः एक नया साहसिक संसार’ विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में संबोधन दिया।
विज्ञान की बदलती भूमिका पर गहन विचार
आईआईटी कानपुर के इंस्टीट्यूट चेयर प्रोफेसर एवं भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (आईएनएसए) के अध्यक्ष प्रोफेसर शर्मा ने अपने व्याख्यान में विज्ञान की बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के वैज्ञानिकों को सतत विकास, प्रौद्योगिकियों के एकीकरण, स्मार्ट मशीनों के उदय और डेटा के युग में ज्ञान प्रबंधन जैसी जटिल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
अनुसंधान में रचनात्मकता और समाज से जुड़ाव की जरूरत
प्रोफेसर शर्मा ने कहा कि अनुसंधान के क्षेत्र में नवीन सोच, रचनात्मकता और अंतरविभागीय सहयोग की अत्यधिक आवश्यकता है। वैज्ञानिकों को चाहिए कि वे अपने अनुसंधान कार्यों को सामाजिक मुद्दों से जोड़ें ताकि विज्ञान समाज के वास्तविक हित में कार्य कर सके।
नवाचार, जुगाड़ और भारतीय शोध संस्कृति पर विशेष चर्चा
अपने व्याख्यान में उन्होंने उपकरण-केंद्रित बनाम समस्या-केंद्रित विज्ञान, क्रमिक बनाम पथ-परिवर्तक अनुसंधान जैसे विषयों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र में ‘जुगाड़’, ‘धंधा’ और ‘पंगा’ जैसे अवधारणाओं के बीच संतुलन की आवश्यकता पर बल दिया और वैज्ञानिकों की सामाजिक जिम्मेदारियों की भी चर्चा की।
पूर्व छात्र प्रोफेसर अहमद तारिक जमील ने साझा की व्यक्तिगत स्मृतियाँ
कार्यक्रम के उद्घाटन में आयोजन सचिव प्रोफेसर अहमद तारिक जमील ने प्रोफेसर शर्मा के साथ अपने संबंधों का स्मरण किया। उन्होंने बताया कि वह आईआईटी कानपुर में प्रोफेसर शर्मा के पहले पीएचडी छात्र थे।
छात्रों के साथ संवाद और विचार-विमर्श
कार्यक्रम के दौरान एक संक्षिप्त प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ, जिसमें छात्रों और शोधार्थियों ने प्रोफेसर शर्मा से वैज्ञानिक अनुसंधान और सामाजिक प्रासंगिकता पर आधारित प्रश्न पूछे।
अध्यक्षीय भाषण और संचालन
कार्यक्रम का समापन डीन, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संकाय, प्रोफेसर निसार अहमद के अध्यक्षीय भाषण से हुआ। उन्होंने विज्ञान में अवलोकन, प्रयोग और साक्ष्य की भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम का संचालन बी.टेक छात्राएं एमएस फातिमा वजिह और एमएस फातिमा खान ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर मोहम्मद दानिश, अध्यक्ष, रसायन इंजीनियरिंग विभाग ने प्रस्तुत किया।
एएमयू का दौरा और कुलपति से मुलाकात
अपने व्याख्यान के पश्चात प्रोफेसर अशुतोष शर्मा ने एएमयू परिसर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया और विश्वविद्यालय के जीवंत शैक्षिक वातावरण की सराहना की। उन्होंने एएमयू की कुलपति प्रोफेसर नइमा खातून एवं फैकल्टी सदस्यों से न्यू गेस्ट हाउस में भेंट की।














