हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 1 मई : 2025,
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के नाम से जाने जाएंगे अब सभी बैंक
उत्तर प्रदेश में “एक राज्य, एक ग्रामीण बैंक” की नीति के तहत आज 1 मई 2025 से आर्यावर्त बैंक, प्रथमा बैंक और बड़ौदा यूपी बैंक का विधिवत विलय हो गया है। अब यह तीनों बैंक मिलकर “उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक” के नाम से कार्य करेंगे।
अलीगढ़ जिले में बड़ा बदलाव
- अलीगढ़ जिले में आर्यावर्त बैंक की 74 शाखाएं और क्षेत्रीय कार्यालय अब उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के अंतर्गत आ गए हैं।
- क्षेत्रीय प्रबंधक नीना गुप्ता ने बताया कि ग्राहकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी और बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह ही चालू रहेंगी।
अलीगढ़ में बैंकिंग स्थिति
- 15.76 लाख खाताधारक
- ₹2778 करोड़ रुपये जमा
- ₹5258 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार
अब तक का सफर
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1981 | अलीगढ़ में ग्रामीण बैंक की स्थापना |
| 2006 | अलीगढ़, एटा, आगरा मिलाकर श्रेयस ग्रामीण बैंक बना |
| 2013 | ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त का गठन |
| 2019 | आर्यावर्त बैंक बना |
| 2025 | तीन बैंकों के विलय से उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का गठन |
नए बैंक की संरचना
- 26 जिले शामिल होंगे
- 22 क्षेत्रीय कार्यालय कार्यरत होंगे
इस विलय से क्या होंगे लाभ?
✅ किसानों और उद्यमियों को अधिक ऋण सुविधा
- बैंक का नेटवर्क मजबूत होने से कृषि और ग्रामीण व्यापार को मिलेगा प्रोत्साहन।
✅ डिजिटल बैंकिंग का विस्तार
- दूर-दराज के क्षेत्रों में पहुंचेंगी आधुनिक बैंकिंग सेवाएं।
✅ ग्राहक सुविधाओं पर विशेष निगरानी
- नाबार्ड की समिति रखेगी सेवाओं की गुणवत्ता पर नजर।
तकनीकी बदलाव और खातों पर प्रभाव
- बैंक ऑफ बड़ौदा का कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) लागू किया जाएगा।
- खातों का माइग्रेशन होगा।
- वर्तमान में खाताधारकों की चेकबुक मान्य रहेंगी, बाद में नई चेकबुक जारी होंगी।
- खाता संख्या में संभावित बदलाव हो सकता है, जिसकी सूचना ग्राहकों को समय पर दी जाएगी।














