हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 7 मई : 2025,
अलीगढ़, 7 मई: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने साइबर क्राइम यूनिट, अलीगढ़ और सामाजिक संस्था ‘उम्मीद वेलफेयर फाउंडेशन’ के सहयोग से ‘जागृति मिशन’ के अंतर्गत एक विशेष साइबर क्राइम जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और आमजन को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी और सतर्कता के उपाय प्रदान करना था।
कार्यक्रम का संचालन कॉलेज की प्राचार्या प्रो. फरहा आज़मी और सह-पाठ्यक्रम प्रभारी शिवानी ए. मसीह के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जनरल ट्यूटर मेहविश मसीह द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं उद्देश्य वर्णन से हुई।
कार्यक्रम के दौरान साइबर क्राइम यूनिट, अलीगढ़ की अधिकारी कुसुम लता ने वित्तीय धोखाधड़ी और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों पर गहन जानकारी दी। उन्होंने साइबर बुलिंग, पहचान की चोरी, प्राइवेसी सेटिंग्स की अहमियत और बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी जैसे मुद्दों को रेखांकित किया।
हेड कांस्टेबल विपिन कुमार पाल ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम, फेक लिंक फ्रॉड, और ट्रेडमार्क उल्लंघन जैसे उभरते साइबर अपराधों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे ये अपराध हमारे मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जाल में फंसाते हैं। साथ ही, रिपोर्टिंग प्रक्रिया और सुरक्षा के उपायों को भी स्पष्ट किया।
प्राचार्या प्रो. फरहा आज़मी ने तकनीक के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि यह जरूरी है कि हम डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारी से उपयोग करें और साइबर खतरों से सतर्क रहें। उन्होंने सभी को साइबर साक्षर बनने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. मधु उपाध्याय ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास और रणनीतियाँ आवश्यक हैं। डॉ. मोहम्मद शकेब (डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जेएन मेडिकल कॉलेज) ने स्वास्थ्य और शैक्षणिक क्षेत्र में भी बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त की।
विशिष्ट अतिथि ममता कुरील (पुलिस अधीक्षक, साइबर क्राइम) ने अपने संबोधन में कुछ वास्तविक मामलों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार प्रेम जाल, ब्लैकमेलिंग और ऑनलाइन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने एक हाल ही में प्रकाशित पुस्तक का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य इन अपराधों को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाना है।
मुख्य अतिथि प्रो. मोहम्मद हबीब रज़ा (डीन, फैकल्टी ऑफ मेडिसिन और प्राचार्य, जेएन मेडिकल कॉलेज, एएमयू) ने समापन भाषण में कहा कि डिजिटल युग में जिम्मेदारी और सावधानी से व्यवहार करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने तकनीक को शक्ति का स्रोत बताया, बशर्ते इसका समझदारी से उपयोग किया जाए।
इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षकगण, साइबर क्राइम यूनिट के अधिकारी, और ‘उम्मीद वेलफेयर फाउंडेशन’ के सदस्यगण – नदीम अंजुम, डॉ. अंशुमन, डॉ. मोहम्मद साकिब आदि भी उपस्थित रहे।













