हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 12 मई : 2025,
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट देखने को मिली जब प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के हालिया बयान पर कड़ा जवाब देते हुए कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीतिक बयानबाज़ी का नहीं, बल्कि देशहित में एकजुटता दिखाने का है।
डिप्टी सीएम मौर्य ने कहा, “कांग्रेस बचकानी बातें करना बंद करे। भारत का रुख स्पष्ट है कि पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) के मुद्दे पर किसी भी तीसरे देश का हस्तक्षेप भारत को कतई स्वीकार नहीं है। कांग्रेस को चाहिए कि वह सेना के शौर्य और बलिदान का सम्मान करे न कि आलोचना।”
“सेना को मिली पूरी छूट, आतंकियों को पहुंचाया जहन्नुम”: मौर्य
डिप्टी सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए हैं। सीजफायर की घोषणा के बावजूद सेना को आतंक के खात्मे के लिए पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है। उन्होंने कहा कि, “सेना अपने निर्णय के अनुसार स्थान और समय तय करेगी, लेकिन दुश्मनों को सबक सिखाया जाएगा। आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाना ही हमारा लक्ष्य है, और उन्हें जहन्नुम में पहुंचा दिया गया है।”
कांग्रेस पर घटिया राजनीति का आरोप
केशव मौर्य ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है, तब कांग्रेस इस मुद्दे पर भी तुच्छ राजनीति करने से बाज नहीं आ रही। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के परमाणु बम भारतीय सेना के लिए पटाखे से अधिक कुछ नहीं हैं। ब्रह्मोस मिसाइल पाकिस्तान के ठिकानों तक पहुंच चुकी है, और वह घबराकर आत्मसमर्पण की मुद्रा में आ गया है।”
सीजफायर पर इमरान मसूद की टिप्पणी बनी विवाद का कारण
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने हाल ही में भारत-पाक सीजफायर पर सवाल उठाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तुलना सामने रखी थी। उन्होंने कहा था कि भारतीय सेना ने प्रहार तो किया, लेकिन भारत को अमेरिका के साथ कश्मीर मुद्दे पर बातचीत नहीं करनी चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केशव मौर्य ने कहा, “इंदिरा गांधी को देश हमेशा याद रखता है, हम भी उन्हें याद करते हैं, लेकिन कांग्रेस आज जिस तरह से बयानबाज़ी कर रही है वह दुर्भाग्यपूर्ण है।”
भारत युद्ध नहीं चाहता, लेकिन जवाब देना जानता है
मौर्य ने स्पष्ट किया कि भारत कभी भी युद्ध का पक्षधर नहीं रहा, लेकिन देश की सुरक्षा और सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एयर स्ट्राइक के बाद जब पाकिस्तान ने उकसावे की कार्रवाई की, तो भारत ने भी स्पष्ट संदेश दिया कि देश की संप्रभुता से खिलवाड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।

















