हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 20 अक्तूबर। कार्तिक अमावस्या के पावन अवसर पर आज पूरे देश में दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस वर्ष दीपावली का मुख्य पूजन सोमवार की संध्या और रात्रि में किया जाएगा क्योंकि इस समय अमावस्या तिथि विद्यमान रहेगी। इसे माता लक्ष्मी के प्राकट्य दिवस के रूप में भी जाना जाता है।
लक्ष्मी और हंस योग देंगे धन और सफलता
ज्योतिष के अनुसार, इस वर्ष दीपावली पर चंद्रमा और शुक्र का कन्या राशि में युति बनना ‘लक्ष्मी योग’ का संकेत दे रहा है। वहीं, बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में रहकर ‘हंस योग’ का निर्माण कर रहे हैं। ये दोनों योग धन, ऐश्वर्य और सफलता प्रदान करने वाले माने गए हैं। इसलिए इस वर्ष का दीपावली पर्व पूजा, दान और साधना के लिए अत्यंत फलदायी रहेगा।
लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य विभोर इंदूसुत के अनुसार, घर और कार्यस्थलों पर श्री लक्ष्मी-गणेश की पूजा से सुख-समृद्धि और धन वृद्धि की कामना की जाती है। इस दिन माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं, इसलिए घरों को स्वच्छ, सुसज्जित और दीपों से आलोकित रखना शुभ माना गया है।
व्यावसायिक स्थलों के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त प्रातः 9:15 से 10:39 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त व धनु लग्न का श्रेष्ठ योग प्रातः 11:41 से दोपहर 2:25 तक रहेगा। इसके अलावा, स्थिर लग्न व शुभ चौघड़िया का योग दोपहर 2:37 से 4:00 बजे तक रहेगा। इन मुहूर्तों में व्यापारी वर्ग अपने कार्यालय, दुकान या फैक्ट्री में लक्ष्मी-गणेश पूजन कर सकते हैं।
घर पर संध्या पूजन का शुभ समय
संध्या पूजन का श्रेष्ठ समय शाम 7:06 से रात 9:02 बजे तक रहेगा। इस दौरान वृष लग्न रहेगा, जिसके स्वामी शुक्र हैं। यह लग्न स्थिर और ऐश्वर्यदायक माना गया है। अतः इस समय किया गया लक्ष्मी पूजन अत्यंत शुभ और कल्याणकारी रहेगा।
सरल पूजन विधि और मंत्र
ज्योतिष अन्वेषक अमित गुप्ता के अनुसार, घर के पूजा स्थल को स्वच्छ कर लाल वस्त्र बिछी चौकी पर लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। घी का दीप जलाकर “वक्रतुण्ड महाकाय…” मंत्र से गणेश जी का ध्यान करें। तत्पश्चात “ॐ ता म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्…” मंत्र से माता लक्ष्मी का आह्वान करें।
पूजा में फूल, मिठाई, खील-बताशे, और श्री सूक्त का पाठ करें। अंत में मुख्य द्वार पर दीप जलाकर माता लक्ष्मी से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें।
धन प्राप्ति मंत्र और विशेष पाठ
लक्ष्मी पूजन के दौरान “ऊं श्रीं श्रियें नमः” (कमल गट्टे की माला से) का जप धन प्राप्ति के लिए अत्यंत प्रभावी माना गया है। देवी सूक्तम, कनकधारा स्तोत्र और लक्ष्मी सूक्तम का पाठ कर देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की संयुक्त आराधना करनी चाहिए, जिससे स्थायी सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।













