🔆 हिन्दुस्तान मिरर न्यूज
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के सेवानिवृत्त 28 अधिकारियों और दो निजी ठेकेदारों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गंभीर कार्रवाई की है। आरोप है कि उन्होंने ‘सिग्नेचर व्यू’ अपार्टमेंट, मुखर्जी नगर (निर्माण काल 2007-09) में घटिया निर्माण कराया और गुणवत्ता मानकों से समझौता किया।
एफआईआर में ‘भारत टेस्ट हाउस’ और ‘दिल्ली टेस्ट हाउस’ जैसी परीक्षण एजेंसियों के साथ-साथ ‘विनर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘ग्रोवर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम शामिल हैं।
सीबीआई के अनुसार, डीडीए अधिकारियों और ठेकेदारों ने मिलकर षड्यंत्र रचा और सीपीडब्ल्यूडी मैनुअल में निर्धारित गुणवत्ता नियंत्रण को नजरअंदाज किया। इसके चलते इमारतें निर्माण के महज 10 साल के भीतर ही असुरक्षित घोषित हो गईं।
डीडीए को इस धोखाधड़ी से करीब 45 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और संबंधित अधिकारियों को अवैध लाभ पहुंचा। 2011-12 में निवासियों को आवंटित इन फ्लैट्स में जल्द ही गंभीर निर्माण संबंधी समस्याएं सामने आने लगीं।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि डीडीए ने 2021-22 में आईआईटी-दिल्ली से अध्ययन कराया। रिपोर्ट में इमारतों को संरचनात्मक रूप से असुरक्षित बताया गया और तुरंत खाली कराकर ध्वस्तीकरण की सिफारिश की गई।
















