हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
दिल्ली आतंकी हमले की जांच में एजेंसियों को डॉक्टर उमर मोहम्मद उर्फ उमर उन नबी और डॉक्टर मुजम्मिल की ‘डायरी’ से अहम सुराग मिले हैं। दोनों की डायरी फरीदाबाद के धौज इलाके में अल फलाह विश्वविद्यालय के पास उनके कमरों से बरामद की गईं, जहां पहले 360 किलो विस्फोटक मिला था। डायरी में 8 से 12 नवंबर की तारीखें, 25 नाम और कई कोड वर्ड दर्ज थे। इससे साफ होता है कि ये आतंकी लंबे समय से एक बड़ी साजिश की योजना बना रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, इन नामों में ज्यादातर लोग जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद के हैं, जिन्हें अब जांच के दायरे में लिया गया है। 2021 में मुजम्मिल ने अपने तीन हैंडलर के जरिए उमर और अन्य साथियों को जोड़ा था। इसके लिए पहले व्हाट्सएप ग्रुप और बाद में टेलीग्राम आईडी बनाई गई, जिसे ‘वसीम’ नाम का व्यक्ति चला रहा था। उमर ने हाल में ‘सिग्नल ऐप’ पर भी एक छोटा ग्रुप बनाया था जिसमें सीमित सदस्य थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आई-20 और ईको स्पोर्ट्स कार में विस्फोटक भरने के बाद वे दो और पुरानी गाड़ियां तैयार करने की योजना बना रहे थे ताकि बड़े हमले को अंजाम दिया जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने 10 नवंबर को इस मॉड्यूल का पर्दाफाश कर 2900 किलो विस्फोटक बरामद किया और 7 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया।













