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अलीगढ़ के ताले बना रहे हैं वैश्विक पहचान, चीन-अमेरिका टैरिफ युद्ध ने खोला बड़ा मौका

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 29 अप्रैल: 2025,

अलीगढ़ का ताला उद्योग विश्व बाजार में बढ़ा रहा दबदबा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का ताला उद्योग अब न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। चीन और अमेरिका के बीच चल रहे टैरिफ युद्ध ने अलीगढ़ के ताला कारोबार के लिए एक सुनहरा अवसर पैदा कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मजबूत नीतियों और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की योजनाओं ने इस मौके को और भी मजबूत बनाया है।

भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा ताला निर्यातक

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत अब ताले और हार्डवेयर के निर्यात में दुनिया में सबसे आगे निकल चुका है।

  • भारत ने अब तक 40,664 शिपमेंट भेजे हैं।
  • वहीं चीन 30,289 और वियतनाम 4,836 शिपमेंट के साथ पीछे हैं।
  • अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 के बीच भारत ने 3,578 शिपमेंट भेजे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10% वृद्धि है।

भारत के ताले मुख्यतः अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े बाजारों में निर्यात किए जा रहे हैं।

अमेरिकी बाजार में भारतीय तालों की बढ़ी मांग

चीन पहले हर साल अमेरिका को 1.19 अरब डॉलर के ताले बेचता था। लेकिन अब अमेरिका ने चीनी ताला उत्पादों पर 245% का टैक्स लगा दिया है। इससे चीनी ताले अमेरिकी बाजार में महंगे हो गए हैं और भारतीय ताले सस्ते व विश्वसनीय विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। अलीगढ़ के कारोबारियों के लिए यह एक बड़ा अवसर है, जिसे सरकार और स्थानीय उद्यमी दोनों मिलकर भुना रहे हैं।

‘लिंक लॉक्स’ ने किया 100 करोड़ का निवेश, बढ़ी उत्पादन क्षमता

अलीगढ़ का ताला उद्योग ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ODOP)’ योजना के तहत पहले ही विशेष पहचान प्राप्त कर चुका है। सरकार द्वारा उद्यमियों को रियायतें, प्रशिक्षण और मार्केटिंग सपोर्ट प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में, अलीगढ़ की प्रमुख ताला निर्माता कंपनी ‘लिंक लॉक्स’ ने हाल ही में 100 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़े हैं और उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

डिफेंस कॉरिडोर ने खोले नए औद्योगिक अवसर

उत्तर प्रदेश में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर ने भी अलीगढ़ को औद्योगिक विकास की नई राह दिखाई है।

  • डिफेंस कॉरिडोर में अब तक 3,300 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आ चुका है।
  • अलीगढ़ इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
  • इससे ताला और हार्डवेयर उद्योग को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूती मिल रही है।

“तालों का शहर” अलीगढ़ के लिए सुनहरा अवसर

अलीगढ़ 19वीं सदी से ताला निर्माण का प्रमुख केंद्र रहा है और इसे “तालों का शहर” कहा जाता है। हजारों लोगों की आजीविका इस उद्योग पर निर्भर है। अब जबकि वैश्विक बाजार चीन के विकल्प की तलाश कर रहा है, अलीगढ़ के पास खुद को विश्व ताला हब के रूप में स्थापित करने का ऐतिहासिक अवसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार इस अवसर को पूरी तरह से भुनाने के लिए सक्रियता से प्रयास कर रही है।

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