हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 28 अगस्त 2025
जिला कृषि अधिकारी धीरेन्द्र सिंह चौधरी ने किसान भाइयों को जानकारी देते हुए बताया कि सरसों की फसल में एनपीकेएस 20:20:0:13 उर्वरक का प्रयोग अत्यंत लाभकारी है। यह उर्वरक नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं सल्फर तीनों पोषक तत्व एक साथ प्रदान करता है, जो पौधों के समग्र विकास, जड़ों की मजबूती और बेहतर उपज के लिए आवश्यक हैं। इसके प्रयोग से सरसों की फसल में तेल की मात्रा भी बढ़ती है।
उन्होंने बताया कि यह एक अमोनियम फास्फेट सल्फेट आधारित उर्वरक है। इसमें मौजूद सल्फर क्लोरोफिल निर्माण और अमीनो एसिड उत्पादन में मदद करता है, जिससे पौधे का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। सल्फर की पर्याप्त उपलब्धता से सरसों की उपज के साथ-साथ तेल की गुणवत्ता में भी सुधार होता है। वहीं, फास्फोरस जड़ों के विकास को बढ़ावा देकर पौधे को मजबूत आधार प्रदान करता है और पोषक तत्वों के अवशोषण की क्षमता बढ़ाता है।
यह उर्वरक पूरी तरह से पानी में घुलनशील है और पौधों द्वारा आसानी से अवशोषित किया जा सकता है। कृषि अधिकारी ने कहा कि यह उर्वरक सल्फर की कमी को पूरा करने में विशेष रूप से उपयोगी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जिले के किसी भी बिक्री केंद्र से यह उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। सभी केंद्रों पर यह पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे उर्वरक के बैग पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) का ही भुगतान करें।
यह उर्वरक न केवल पैदावार बढ़ाएगा बल्कि सरसों के तेल की गुणवत्ता को भी निखारेगा।