हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई दिल्ली। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अब छोटी बचत से बड़ा फंड तैयार करना आसान हो गया है। सरकार द्वारा शुरू की गई NPS वत्सल्य स्कीम माता-पिता को कम उम्र से ही बच्चों के नाम पर निवेश करने का अवसर देती है। सितंबर 2024 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लॉन्च की गई यह योजना लंबी अवधि में मजबूत फाइनेंशियल सिक्योरिटी देने का लक्ष्य रखती है।
कम राशि से आसान शुरुआत
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सालाना सिर्फ ₹250 से निवेश शुरू किया जा सकता है। छोटे-छोटे निवेश को समय के साथ कंपाउंडिंग का लाभ मिलता है, जिससे बड़ा फंड तैयार होता है।
18 साल बाद NPS में बदलाव
बच्चे के 18 वर्ष पूरे होते ही यह अकाउंट अपने आप रेगुलर NPS (Tier-I) में बदल जाता है। इससे बिना किसी रुकावट के निवेश जारी रहता है और लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
निकासी के नियम और लचीलापन
18 से 21 वर्ष की उम्र के बीच बच्चे को निर्णय लेने का अवसर मिलता है। वह 20% राशि निकाल सकता है, जबकि 80% राशि पेंशन प्लान में रहती है। यदि कुल फंड ₹8 लाख से कम है, तो पूरा पैसा निकाला जा सकता है, वरना कुछ हिस्सा पेंशन के लिए सुरक्षित रहेगा।
आंशिक निकासी की सुविधा
जरूरत पड़ने पर 3 साल बाद 25% तक राशि निकाली जा सकती है, लेकिन यह सुविधा सिर्फ पढ़ाई, बीमारी या अन्य जरूरी कामों के लिए ही मिलेगी। 18 साल से पहले अधिकतम दो बार ही आंशिक निकासी की अनुमति है।
इक्विटी निवेश से बेहतर रिटर्न
इस स्कीम में 75% तक पैसा इक्विटी में निवेश करने का विकल्प मिलता है, जिससे लंबी अवधि में उच्च रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। साथ ही, माता-पिता के अलावा रिश्तेदार भी इसमें योगदान कर सकते हैं।
NPS वत्सल्य स्कीम बच्चों के लिए सिर्फ बचत नहीं, बल्कि एक अनुशासित और दीर्घकालिक निवेश योजना है। यह कम निवेश में बड़े भविष्य की नींव रखने का एक प्रभावी तरीका साबित हो रही है।
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