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कार्यवाहक और उपकार्यवाहक जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को बताया संविधान के विपरीत
अलीगढ़। समाजवादी पार्टी में लंबे समय से चल रही खेमेबंदी और संगठनात्मक विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। सपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर द्वारा जारी किए गए कार्यवाहक और उपकार्यवाहक जिलाध्यक्ष की नियुक्ति संबंधी पत्र को पार्टी हाईकमान ने निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने जारी किया पत्र
सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि जिलाध्यक्ष को बिना पार्टी नेतृत्व की अनुमति के कार्यवाहक अथवा उपकार्यवाहक जिलाध्यक्ष नियुक्त करने का अधिकार नहीं है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि अलीगढ़ संगठन में इस प्रकार का कोई पद वर्तमान में मान्य नहीं है और जिलाध्यक्ष का आदेश पार्टी संविधान के विपरीत है।
नौ मई को जारी हुआ था नियुक्ति पत्र
गौरतलब है कि सपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर ने 9 मई 2026 को एक पत्र जारी कर राजीव यादव को कार्यवाहक जिलाध्यक्ष तथा डॉ. बादशाह खान को उपकार्यवाहक जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था। इस निर्णय के बाद पार्टी के भीतर विरोध तेज हो गया। कई नेताओं और पदाधिकारियों ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे संगठनात्मक नियमों के खिलाफ बताया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
नियुक्ति संबंधी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और गरमा गया। पार्टी के अंदरूनी विरोध और लगातार बढ़ते मतभेद को देखते हुए कई नेताओं ने हाईकमान को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व ने हस्तक्षेप करते हुए जिलाध्यक्ष के फैसले को निरस्त कर दिया।
जिलाध्यक्ष बोले- हाईकमान का होगा पालन
इस पूरे मामले पर जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर ने कहा कि पहले पार्टी नेतृत्व को जानकारी दी गई थी, लेकिन अब हाईकमान का पत्र आ गया है। पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
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