अलीगढ़। जिले के अकराबाद ब्लॉक के गांव अदरोई निवासी यतेन्द्र कुमार ने मनरेगा फर्जीवाड़े में हुई जांच को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि जांच पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण तरीके से की गई है और इसमें वास्तविक तथ्यों को नजरअंदाज कर दिया गया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने कई ऐसे जॉब कार्ड धारकों के साक्ष्य पेश किए जो गांव में रहते ही नहीं हैं और बाहर नौकरी करते हैं, बावजूद इसके उनकी गवाही को सही मान लिया गया। जांच के दौरान उनसे यह तक नहीं पूछा गया कि किस महीने, किस चकरोट पर काम किया गया।
प्रधान पर गंभीर आरोप
यतेन्द्र कुमार ने गांव के प्रधान पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रधान एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उन्होंने बताया कि जांच के दिन प्रधान ने अपने गुंडों को बुलाकर उनके परिवार के सदस्यों की पिटाई कराई। इसके बावजूद जांच अधिकारी अनुज कुमार ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया।
मनरेगा सामग्री से निजी मकान निर्माण
शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रधान ने रास्ता बनवाने के नाम पर रोरी और गिट्टी का मटेरियल अपने घर पर मकान निर्माण में लगवाया। इस संबंध में वीडियो भी जांच अधिकारी को दिखाए गए, लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
धमकी मिलने का आरोप
यतेन्द्र कुमार ने कहा कि वीडियो दिखाने के बाद उन्हें धमकी दी गई। उन्होंने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
महिला विंग की भारी भीड़ पहुंची कलेक्ट्रेट
इस पूरे प्रकरण में भारतीय किसान सेवा की महिला विंग की अध्यक्ष तारावती बघेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं व ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने भी शिकायतकर्ता का समर्थन करते हुए जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की।
















