हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 11 मई : 2025,
लखनऊ। भारत-पाकिस्तान सीमा पर जारी तनाव का असर अब ट्रांसपोर्ट कारोबार पर भी साफ़ दिखने लगा है। लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर से जम्मू, श्रीनगर, पठानकोट, चंडीगढ़, पंचकुला, सोलन और शिमला जैसे शहरों की ओर जाने और वहां से आने वाला माल ढुलाई पूरी तरह से ठप हो गई है। बीते 15 दिनों से ट्रकों का संचालन पूरी तरह बंद है, जिससे करीब 10 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
ट्रांसपोर्टनगर में इस समय 250 से अधिक ट्रक खड़े हैं और चालक अपने घर लौट चुके हैं। ट्रांसपोर्टर आसिफ ने बताया कि “पिछले पंद्रह दिनों से न तो लखनऊ से माल लोड हो रहा है और न ही जम्मू-कश्मीर, पंजाब या शिमला से माल की अनलोडिंग हो रही है।”
फल और सब्जियों की आपूर्ति पर बड़ा असर
सीमा पर तनाव के चलते फल-सब्जियों की आपूर्ति भी चरमरा गई है। दुबग्गा फल व सब्जी मंडी के आढ़ती नसीम ने बताया कि “दशहरी आम जून के पहले सप्ताह से भेजे जाने थे, लेकिन ट्रांसपोर्ट रुकने से संकट पैदा हो गया है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर के आढ़ती बुकिंग पहले ही करा चुके हैं। यदि हालात नहीं सुधरे तो किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।”
लखनऊ ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ, फर्रुखाबाद, कन्नौज सहित आसपास के जिलों से जो फल और हरी सब्जियाँ पंजाब और जम्मू-कश्मीर को भेजी जाती हैं, उनकी आपूर्ति ठप हो गई है। तरबूज, खरबूज और हरी सब्जियों की भारी मांग के बावजूद माल समय पर नहीं पहुँच पा रहा, जिससे न केवल ट्रांसपोर्टर, बल्कि किसान भी प्रभावित हो रहे हैं।
भाड़े में 10% की बढ़ोतरी
ट्रांसपोर्टर सत्य शरण श्रीवास्तव के अनुसार, “लखनऊ से 10 टन माल जम्मू भेजने का औसतन भाड़ा 35 से 37 हजार रुपये था, लेकिन तनाव के चलते इसमें 10 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है। जोखिम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट लागत भी बढ़ रही है।”
आवक और रवानगी दोनों प्रभावित
सीमा पर तनाव के कारण न केवल लखनऊ से जाने वाला माल, बल्कि इन राज्यों से आने वाला सामान भी प्रभावित हुआ है।
प्रभावित आपूर्ति –
- जम्मू, पंजाब, शिमला से आवक: स्टोर का सेब, बिस्कुट, चॉकलेट, दवाएं, ड्राई फ्रूट
- लखनऊ से रवानगी: फल, सब्जी, खाली ड्रम, मशीनरी संयंत्र, दलहन
व्यापार धीरे-धीरे पटरी पर आने की उम्मीद
हालांकि, राहत की खबर यह है कि रविवार से माल बुकिंग शुरू होने की संभावना है। सत्य शरण ने बताया कि “लखनऊ से जम्मू, श्रीनगर, पठानकोट, चंडीगढ़, पंचकुला, सोलन और शिमला की ओर जाने वाली ट्रकों की बुकिंग फिर से शुरू की जाएगी। लेकिन बीते 15 दिनों में जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई जल्दी संभव नहीं है।”

















