• Home
  • अलीगढ
  • शेखा झील बनी अंतरराष्ट्रीय पहचान का केंद्र, रामसर स्थल घोषित
Image

शेखा झील बनी अंतरराष्ट्रीय पहचान का केंद्र, रामसर स्थल घोषित

अलीगढ़। हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़ वासियों के लिए गर्व की बात है कि जलाली-पनैठी रोड स्थित शेखा झील पक्षी अभयारण्य को केंद्र सरकार ने रामसर स्थल घोषित कर दिया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसकी जानकारी अपने एक्स (ट्विटर) अकाउंट के माध्यम से साझा की। इसके साथ ही यह उत्तर प्रदेश का 12वां और भारत का 99वां रामसर स्थल बन गया है।

क्या होता है रामसर स्थल?

रामसर स्थल ऐसे आर्द्रभूमि क्षेत्र (वेटलैंड) होते हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनका उद्देश्य जल, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
रामसर कन्वेंशन की शुरुआत 1971 में ईरान के रामसर शहर में हुई थी, जिसके तहत दुनियाभर में महत्वपूर्ण वेटलैंड्स को संरक्षित किया जाता है।

पर्यावरण और जैव विविधता के लिए अहम कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और बहाली के मिशन पर तेजी से काम कर रहा है।
शेखा झील को रामसर का दर्जा मिलने से न केवल स्थानीय पारिस्थितिकी को मजबूती मिलेगी, बल्कि जलवायु संतुलन, जल संरक्षण और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रवासी पक्षियों का प्रमुख पड़ाव

शेखा झील मध्य एशियाई फ्लाईवे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां सर्दियों में हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं। इनमें बार-हेडेड गूज, पेंटेड स्टॉर्क, विभिन्न प्रजातियों की बतखें और फ्लेमिंगो शामिल हैं।
पर्यावरणविदों के अनुसार, ये पक्षी रूस, चीन, श्रीलंका, भूटान और पोलैंड जैसे देशों से करीब 11,000 किलोमीटर की दूरी तय कर यहां पहुंचते हैं।

दुर्लभ पक्षियों का बसेरा

यह झील करीब 40 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है और यहां 150 से अधिक प्रजातियों के पक्षी देखे जाते हैं।
मुख्य प्रजातियों में पेलीकन, व्हाइट पेलीकन, ब्रह्माणी डक, कॉमन कूट, स्पून बिल डक, गैडवाल और पेंटेड स्टॉर्क शामिल हैं। हाल के वर्षों में फ्लेमिंगो ने भी यहां अपना स्थायी डेरा बनाना शुरू किया है, जो इस क्षेत्र की बढ़ती पर्यावरणीय महत्ता को दर्शाता है।

इतिहास और विकास

पर्यावरणविदों के अनुसार, शेखा झील का अस्तित्व मुगलकाल से जुड़ा है। वर्ष 1852 में अंग्रेजों द्वारा अपर गंग नहर निर्माण के बाद इसका क्षेत्रफल तीन भागों में बंट गया।
बाद में वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे बर्ड सेंचुरी घोषित किया था।

स्थानीय विकास और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

वन संरक्षक श्रद्धा यादव के अनुसार, यह उपलब्धि न केवल अलीगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। अब शेखा झील को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के प्रयास तेज होंगे।
इससे स्थानीय रोजगार, पर्यटन और शोध कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा। एएमयू के छात्र और दूर-दराज से आने वाले पक्षी प्रेमी यहां अध्ययन और भ्रमण के लिए आते हैं।

भारत 100 रामसर स्थलों के करीब

शेखा झील के जुड़ने के साथ ही भारत अब 100 रामसर स्थलों के लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच गया है। यह देश की पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

#RamsarSite #ShekhaJheel #WetlandsConservation #Biodiversity #MigratoryBirds #AligarhNews

Releated Posts

बारहद्वारी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जल्द होगा शुरू, 104 दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया तय

अलीगढ़। हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:बारहद्वारी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मल्टीलेवल कार पार्किंग का शुभारंभ जल्द होने जा रहा है। नगर…

ByByHindustan Mirror News Apr 23, 2026

संसद संग्राम के बाद सड़कों पर उतरेगी भाजपा, जन आक्रोश मार्च का ऐलान

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: अलीगढ़, 22 अप्रैल 2026। संसद में 16 और 17 अप्रैल को हुए घटनाक्रम के बाद…

ByByHindustan Mirror News Apr 22, 2026

यूपी बोर्ड : 23 अप्रैल को शाम 4 बजे जारी होंगे 10वीं-12वीं के नतीजे

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: अलीगढ़/प्रयागराज। यूपी बोर्ड के लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। माध्यमिक…

ByByHindustan Mirror News Apr 22, 2026

AMU की सभी ख़बरें सिर्फ 1 क्लिक पर 21-4-2026

1. एएमयू मल्लापुरम केंद्र में ‘रिवायत’ उत्सवअलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मल्लापुरम केंद्र में “रिवायत” उत्सव के तहत साहित्यिक…

ByByHindustan Mirror News Apr 21, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top