हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 11 फरवरी 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत यह बजट 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का है, जिसे राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है। यह पिछले बजट की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। चूंकि अगले वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए यह बजट योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट भी है।

सरकार ने इस बजट को किसानों की समृद्धि, युवाओं के रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास को समर्पित बताया है। बजट में कृषि, मेडिकल शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और औद्योगिक निवेश को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
किसानों के लिए बड़ी सौगातें
योगी सरकार ने इस बजट में कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश देश में गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद और आंवला उत्पादन में अग्रणी राज्य है।
गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान
राज्य सरकार ने गन्ना किसानों को 34,321 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान किया है। साथ ही 2025-26 सत्र के लिए गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। इससे किसानों को करीब 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है।
गेहूं और धान खरीद
सरकार ने 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर 512 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जबकि 42.96 लाख मीट्रिक टन धान खरीदकर 9,710 करोड़ रुपये से अधिक किसानों को दिए गए हैं। बाजरा किसानों को भी 595 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।
सिंचाई और फसल सघनता में सुधार
वित्त मंत्री ने बताया कि 2016-17 में जहां सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर था, वह अब बढ़कर 27 लाख हेक्टेयर की वृद्धि के साथ उल्लेखनीय रूप से विस्तारित हुआ है। फसल सघनता 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 193.7 प्रतिशत हो गई है, जो कृषि उत्पादकता में सुधार का संकेत है।
युवाओं के लिए 10 लाख रोजगार का लक्ष्य
बजट में युवाओं को केंद्र में रखते हुए 10 लाख नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। ये रोजगार सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में उपलब्ध कराए जाएंगे।
कौशल विकास और स्टार्टअप पर जोर
राज्य में पिछले पांच वर्षों में कौशल विकास मिशन के तहत 9.25 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 4.22 लाख को विभिन्न कंपनियों में रोजगार मिला। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत 163 केंद्रों पर 23,000 से अधिक युवाओं को मुफ्त कोचिंग दी जा रही है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान
युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने हेतु मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
इस योजना के लिए 225 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके तहत युवाओं को ऋण, सब्सिडी और प्रशिक्षण की सुविधा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना
इंटर्नशिप और कौशल प्रशिक्षण के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे युवाओं को उद्योगों से जोड़कर व्यावहारिक अनुभव दिया जाएगा।
शिक्षा और मेडिकल क्षेत्र में बड़ा निवेश
16 नए मेडिकल कॉलेज
राज्य में 16 नए मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल पर स्थापित किए जाएंगे, जिनके लिए 1,023 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वर्तमान में राज्य में 81 मेडिकल कॉलेज हैं।
एमबीबीएस सीटें 2017 की 4,540 से बढ़कर 12,800 हो चुकी हैं, जबकि पीजी सीटें 1,221 से बढ़कर 4,995 हो गई हैं।
चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,297 करोड़
बजट में चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,297 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। लखनऊ कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये अलग से आवंटित किए गए हैं।
तीन नई यूनिवर्सिटी
राज्य में तीन नई विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे:
- मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय (मिर्जापुर)
- गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद)
- मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर)
प्रत्येक के लिए 50-50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के लिए 21 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
छात्राओं के लिए स्कूटी योजना
मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी वितरण के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के पहले और दूसरे चरण के विकास के लिए 756.60 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। संभावना है कि फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन कर सकते हैं।
मोबाइल विनिर्माण में अग्रणी
वित्त मंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है और देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 65 प्रतिशत यहीं होता है। लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर कार्य चल रहा है।
श्रमिकों और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस
शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण किया जाएगा। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों की दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये का प्रावधान है।
निर्माण श्रमिकों के लिए मोबाइल हेल्थ वैन सेवा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है। उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आर्थिक स्थिति और विकास दर
राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 2024-25 में 30.25 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 13.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। प्रति व्यक्ति आय 2025-26 में 1.20 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
सरकार का दावा है कि लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है और बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है।
ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रगति हुई है। तापीय विद्युत उत्पादन क्षमता 9,120 मेगावाट तक पहुंच गई है और 2,815 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं।
निष्कर्ष
यूपी बजट 2026-27 को चुनावी साल से पहले सरकार की विकासोन्मुखी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। किसानों के लिए समर्थन मूल्य वृद्धि और रिकॉर्ड भुगतान, युवाओं के लिए 10 लाख रोजगार का लक्ष्य, मेडिकल और शिक्षा क्षेत्र में बड़ा निवेश तथा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देने जैसे कदमों से सरकार ने हर वर्ग को साधने की कोशिश की है।
यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, निवेश आकर्षित करने और सामाजिक सुरक्षा को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इन घोषणाओं का धरातल पर कितना प्रभावी क्रियान्वयन हो पाता है।
















