हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
1.97 लाख से अधिक पुराने वाहन स्क्रैप, प्रदेश में 92 पंजीकृत केंद्र; सरकार ने अनधिकृत कबाड़ियों से बचने की अपील की
लखनऊ। पुराने, अनफिट और प्रदूषणकारी वाहनों को वैज्ञानिक तरीके से स्क्रैप करने के मामले में उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक, 31 जुलाई 2026 तक देशभर में कुल 4,07,520 वाहन स्क्रैप किए गए, जिनमें अकेले उत्तर प्रदेश के 1,97,735 वाहन हैं। इस तरह देश में हुई कुल वाहन स्क्रैपिंग में यूपी की हिस्सेदारी 48.5 प्रतिशत रही।
परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल पुराने वाहनों को सड़कों से हटाना नहीं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, वैज्ञानिक पुनर्चक्रण और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों का नेटवर्क मजबूत किया जा रहा है।
प्रदेश में फिलहाल 92 पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र हैं, जिनमें 51 केंद्र संचालित हैं। सरकार वाहन मालिकों को अनधिकृत कबाड़ बाजार के बजाय पंजीकृत केंद्रों पर वाहन स्क्रैप कराने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। अधिकृत केंद्र से वाहन स्क्रैप कराने पर मिलने वाले जमा प्रमाणपत्र के आधार पर नया वाहन खरीदने पर पात्र लोगों को रोड टैक्स में छूट का लाभ मिलता है। गैर-परिवहन वाहनों पर 15 प्रतिशत तक और परिवहन वाहनों पर 10 प्रतिशत तक रोड टैक्स छूट का प्रावधान है।
एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रक और बसों को स्क्रैप कर नए वाहन लेने पर निर्धारित शर्तों के तहत 10 वर्ष तक रोड टैक्स में 100 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान है। मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर समेत एनसीआर के आठ जिलों में पुराने मालवाहक वाहनों और बसों को बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
वहीं, जुलाई में मिली शिकायतों के बाद परिवहन विभाग ने पंजीकृत स्क्रैपिंग केंद्रों की कार्यप्रणाली की जांच के लिए विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्क्रैपिंग की संख्या बढ़ाने के साथ गुणवत्ता और नियमों का पालन भी सुनिश्चित करना जरूरी है।
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