हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 10अप्रैल: 2025,
लखनऊ और अवध क्षेत्र के कई जिलों में बीती रात से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। हल्की से लेकर भारी बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित किया है। खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसान चिंतित हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में और बारिश व वज्रपात की चेतावनी जारी की है।
लखनऊ में बारिश और अंधेरा, तापमान में गिरावट
राजधानी लखनऊ में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक पलटी मारी। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए, जिससे दिन में अंधेरा सा छा गया। कई इलाकों में तेज बारिश हुई और ठंडी हवाओं ने तापमान को नीचे ला दिया। इससे गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन सड़कों पर जलभराव और यातायात में व्यवधान की स्थिति बनी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह बदलाव आया है, और आज दिनभर छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।
गोंडा में गेहूं की फसल को झटका
गोंडा जिले में बुधवार रात मौसम का मिजाज बिगड़ गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को गिरा दिया। कई जगह पकी फसल भीग गई, जिससे कटाई और मड़ाई का काम प्रभावित हुआ। किसानों का कहना है कि इस नुकसान से उनकी लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है। हालांकि, गुरुवार सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन हल्के बादल अभी भी मंडरा रहे हैं।
श्रावस्ती में ओलावृष्टि से हड़कंप
श्रावस्ती में बुधवार रात करीब 10:30 बजे धूल भरी आंधी के बाद बारिश शुरू हुई। सिरसिया क्षेत्र में मटर के आकार के ओले करीब पांच मिनट तक गिरे। इससे गेहूं, सरसों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा। बारिश और ओलों के कारण बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई, जो कई इलाकों में गुरुवार सुबह तक बहाल नहीं हुई। भिनगा और आसपास के क्षेत्रों में सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई, जिसने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
बलरामपुर में तेज हवाओं ने बरपाया कहर
बलरामपुर में बुधवार देर रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया। ललिया, पचपेड़वा, और श्रीदत्तगंज जैसे क्षेत्रों में पकी गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। कई जगह पशु शेड और फूस के घर भी क्षतिग्रस्त हुए। किसानों का कहना है कि इस अप्रत्याशित मौसम ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। हालांकि, बारिश से गर्मी से राहत मिली, लेकिन फसलों के नुकसान ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सीतापुर में बादल और ठंडक
सीतापुर में बुधवार रात से मौसम में बदलाव देखा गया। तेज हवाओं के बाद सुबह से घने बादल छाए रहे, जिससे तापमान में कमी आई। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सता रही है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में हल्की बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग की चेतावनी: वज्रपात और बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अवध और आसपास के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की आशंका जताई है। प्रभावित जिलों में लखनऊ, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, सीतापुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और अन्य शामिल हैं। लोगों को सतर्क रहने और खुले में न जाने की सलाह दी गई है।
किसानों की चिंता: फसल नुकसान का आकलन बाकी
इस मौसमी बदलाव ने किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। गेहूं, सरसों, और अन्य रबी फसलों को नुकसान हुआ है, जिसका सटीक आकलन अभी बाकी है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है। खासकर गोंडा और श्रावस्ती जैसे जिलों में ओलावृष्टि ने फसलों को भारी क्षति पहुंचाई है।
आने वाले घंटों का पूर्वानुमान
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण अगले कुछ घंटों में लखनऊ और आसपास के इलाकों में बादलों की आवाजाही और छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। इससे तापमान में हल्की गिरावट रहेगी, लेकिन किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

















