हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 21अप्रैल: 2025,
उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देते हुए एक अहम कदम उठाया है। मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश के नौ प्रमुख जिलों में ‘सखी निवास’ नाम से आवासीय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां संकटग्रस्त महिलाओं को अस्थायी निवास के साथ-साथ परामर्श, कानूनी सहायता और कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
किन जिलों में शुरू होंगे ‘सखी निवास’ केंद्र?
योजना के पहले चरण में निम्नलिखित नौ जिलों में ‘सखी निवास’ केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं:
- लखनऊ
- वाराणसी
- प्रयागराज
- गोरखपुर
- आगरा
- बरेली
- मेरठ
- गाजियाबाद
- गौतमबुद्धनगर
इन जिलों का चयन जनसंख्या घनत्व और महिला-संबंधी मामलों की संख्या को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
50 महिलाओं के लिए ठहरने की सुविधा
प्रत्येक ‘सखी निवास’ केंद्र में 50 महिलाओं के लिए अस्थायी निवास की व्यवस्था होगी। यह सुविधा उन महिलाओं के लिए है जो किसी पारिवारिक, कानूनी या सामाजिक संकट का सामना कर रही हैं और जिन्हें तत्काल सुरक्षा व सहारा चाहिए।
महिलाओं को दी जाएगी स्किल ट्रेनिंग
इन केंद्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के कौशल विकास कोर्स उपलब्ध कराए जाएंगे, जैसे:
- सिलाई
- कढ़ाई
- कंप्यूटर प्रशिक्षण
- ब्यूटी पार्लर कोर्स
- हस्तशिल्प कला
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार योग्य बनाना है ताकि वे अपनी आजीविका स्वयं चला सकें।
परामर्श और कानूनी सहायता भी उपलब्ध
‘सखी निवास’ केंद्रों में केवल आवास ही नहीं, बल्कि मानसिक परामर्श, कानूनी मार्गदर्शन और अन्य जरूरी सहायता भी दी जाएगी। यह सहायता विशेष रूप से घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, तलाक, या संपत्ति विवाद जैसी परिस्थितियों से जूझ रही महिलाओं के लिए फायदेमंद होगी।
केंद्र और राज्य सरकार की साझा पहल
इस योजना को केंद्र और राज्य सरकार मिलकर चला रही हैं। इसके तहत खर्च का 60% हिस्सा केंद्र सरकार और 40% राज्य सरकार वहन करेगी। इससे पहले भी मिशन शक्ति अभियान के तहत वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, और पुलिस हेल्प डेस्क जैसे प्रयास किए जा चुके हैं, जिनसे हजारों महिलाओं को समय पर सहायता मिली है।
‘सखी निवास’ से महिलाओं को मिलेगा नया जीवन शुरू करने का मौका
‘सखी निवास’ केवल एक अस्थायी आश्रय स्थल नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी पहल है जो महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करती है। इस योजना के जरिए सरकार संकट में फंसी महिलाओं को नई शुरुआत का अवसर देना चाहती है।

















