हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ हादसा
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल प्रभावित क्षेत्र में चल रहे सर्च और डी-माइनिंग अभियान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर स्थित छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के जंगल में आईईडी ब्लास्ट होने से डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवान शहीद हो गए, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना उस समय हुई जब सुरक्षा बल नक्सलियों द्वारा लगाए गए विस्फोटकों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करने के अभियान में जुटे थे।
कोरोसकोड़ा इलाके में हुआ विस्फोट
कांकेर एसपी निखिल राखेचा के अनुसार, सुरक्षाबलों की टीम कोरोसकोड़ा इलाके में सर्चिंग और डी-माइनिंग कर रही थी। इसी दौरान अचानक आईईडी में विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि चार जवान इसकी चपेट में आ गए। घायल जवानों में इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले की हालत गंभीर थी, जिनकी बाद में मौत हो गई। वहीं कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा का इलाज जारी है।
अभियान की संवेदनशीलता उजागर
यह घटना सुरक्षा बलों के लिए चल रहे डी-माइनिंग ऑपरेशन की गंभीरता और जोखिम को दर्शाती है। बस्तर क्षेत्र में नक्सली लगातार आईईडी जैसे घातक हथियारों का इस्तेमाल करते रहे हैं, जिससे जवानों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।
आईजी ने जताया दुख, ऑपरेशन जारी रहेगा
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर अभियान चलाया जा रहा था और अब तक सैकड़ों आईईडी बरामद कर निष्क्रिय किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना के बावजूद नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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