हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑ मंगलवार 3 जून 2025 अलीगढ़
अलीगढ़, 3 जून: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के ओटो-राइनो-लैरिंजोलॉजी (ईएनटी) विभाग द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की वैश्विक पहल के तहत विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2025 के अवसर पर एक प्रभावशाली जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
इस वर्ष का डब्ल्यूएचओ थीम था “चमकदार उत्पाद, काली नीयत: आकर्षण का भंडाफोड़”, जिसमें तंबाकू उद्योग द्वारा खासकर युवाओं को टार्गेट कर बनाई गई विपणन रणनीतियों को उजागर किया गया। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, तंबाकू कंपनियां जानबूझकर ऐसे उत्पाद डिजाइन करती हैं और विज्ञापन बनाती हैं, जो युवाओं को आकर्षित करते हैं, जबकि इनके खतरनाक स्वास्थ्य प्रभाव छिपाए जाते हैं।

शिविर का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. आफताब अहमद के उद्घाटन भाषण से हुआ। उन्होंने विशेष रूप से सिर और गर्दन के कैंसर जैसे तंबाकू से जुड़े रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही इन रोगों की रोकथाम संभव है।
कार्यक्रम में डॉ. मेहताब आलम ने तंबाकू से संबंधित कैंसर की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और कहा कि इसके रोकथाम के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। वहीं, डॉ. सादिया इस्लाम ने कड़ी तंबाकू नियंत्रण नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया और कहा कि आने वाली पीढ़ियों को तंबाकू उद्योग के खतरनाक प्रभावों से बचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

ईएनटी ओपीडी में आयोजित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सा छात्र और मरीजों ने भाग लिया, जिन्होंने तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति गहन जागरूकता और तंबाकू निषेध के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता जताई।
अंत में, शिविर में उपस्थित विशेषज्ञों ने तंबाकू मुक्त समाज की दिशा में निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।














