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नई भवन उपविधि 2025 लागू, मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया बदली

अलीगढ़ में भवन निर्माण की दिशा में बड़ा बदलाव: शहर के 610 गांव व 9 नगरीय क्षेत्र होंगे प्रभावित

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज, 12-7-2025 अलीगढ़,
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) क्षेत्र में भवन निर्माण को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक परिवर्तन लागू कर दिया गया है। शासन द्वारा भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 को तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत अब केवल नई भवन उपविधि के अनुसार ही भवन मानचित्र स्वीकृत होंगे, जिससे जिले के हजारों नागरिकों, बिल्डरों और व्यवसायियों को प्रत्यक्ष रूप से राहत मिलेगी।

अब सिर्फ नई उपविधि से मानचित्र स्वीकृति

इस नए आदेश के तहत एडीए अब पुरानी भवन उपविधि-2008, शमन उपविधि-2009 और अन्य 20 शासनादेशों के अनुसार नक्शे स्वीकृत नहीं करेगा। इन सभी को निरस्त कर दिया गया है। अब यदि किसी व्यक्ति ने पहले से पुरानी उपविधियों के अनुसार मानचित्र जमा किया है और उसे नई व्यवस्था से अधिक लाभ मिलता दिखाई दे रहा है, तो वह नए सिरे से मानचित्र आवेदन कर सकता है।

मुख्य बदलाव और सहूलियतें

  1. मिश्रित उपयोग की छूट:
    अब 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर स्थित आवासीय भूखंडों पर आवासीय के साथ-साथ व्यावसायिक निर्माण की अनुमति होगी।
  2. अपार्टमेंट निर्माण की छूट:
    1500 वर्ग मीटर या अधिक क्षेत्रफल पर अब मेट्रो सिटी की तर्ज पर अपार्टमेंट बनाए जा सकेंगे, जिनके निचले हिस्से में व्यवसायिक गतिविधियां अनुमन्य होंगी।
  3. घरों से पेशेवर गतिविधियां:
    अब सीए, डॉक्टर, वकील आदि अपने आवासीय भवन में ही कार्यालय संचालित कर सकेंगे।
  4. होम स्टे और पीजी संचालन आसान:
    होम स्टे या पेइंग गेस्ट हाउस के लिए अलग से एडीए की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
  5. एनओसी के लिए समयसीमा तय:
    नक्शा पास कराने हेतु विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की समय सीमा निर्धारित की गई है। यदि समय पर एनओसी न मिले तो नक्शा स्वतः स्वीकृत माना जाएगा।
  6. व्यावसायिक निर्माण के लिए सड़कों की शर्तें:
    9 मीटर चौड़ी सड़क पर बिना बेड के अस्पताल, प्राथमिक विद्यालय और 18 मीटर चौड़ी सड़क पर शॉपिंग मॉल बनाए जा सकते हैं।
  7. कृषि भूमि पर सख्ती:
    कृषि भूमि पर अब होटल, मैरिज होम या अन्य व्यावसायिक निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।

महायोजना के अनुसार होगा नक्शा स्वीकृति

नई व्यवस्था के अंतर्गत महायोजना-2031 के प्रस्तावित भू उपयोग के अनुसार ही नक्शा स्वीकृत किया जाएगा। इस महायोजना में आवासीय, औद्योगिक, कार्यालय, सामुदायिक सेवाएं, खुले स्थान, परिवहन, कृषि आदि के लिए कुल 9762 हेक्टेयर क्षेत्र को विभाजित किया गया है।

उपयोग श्रेणीप्रस्तावित क्षेत्र (हेक्टेयर)
आवासीय9090
व्यावसायिक1042
उद्योग2810
कार्यालय48
सामुदायिक सेवाएं2154
खुले स्थान3568
यातायात/परिवहन3990
कृषि49663

शहर के 610 गांव व 9 नगरीय क्षेत्र होंगे प्रभावित

नई उपविधि के तहत नगर निगम, खैर नगर पालिका, 9 नगर पंचायतें और 610 गांव प्रभावित होंगे। इस बदलाव से नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और सरल होगी। अब नागरिकों को विशेष अनुमति के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

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