हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
बंद कमरे की बैठक के बाद NDA में जाने की अटकलें तेज, आधिकारिक पुष्टि नहीं
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में मंगलवार देर रात हुई एक अहम बैठक के बाद नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ पर एनसीपी (शरद पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल, एनसीपी (अजित पवार) के नेता प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के बीच करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक हुई। हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सूत्रों के अनुसार, शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एसपी) केंद्र सरकार द्वारा दोबारा लाए जाने वाले महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन कर सकती है। उल्लेखनीय है कि बजट सत्र के दौरान पार्टी ने इस विधेयक का विरोध किया था, लेकिन अब भाजपा नेताओं से हुई बातचीत के बाद उसके रुख में बदलाव की चर्चा है।
रणनीति या नए राजनीतिक समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव केवल विधेयक तक सीमित रणनीतिक समर्थन भी हो सकता है। वहीं, कुछ इसे पार्टी के भीतर संभावित टूट को रोकने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। हाल के दिनों में एनसीपी (शरद पवार) के कुछ सांसदों के भाजपा या शिवसेना (शिंदे गुट) में जाने की अटकलें भी लगती रही हैं।
सूत्रों का यह भी दावा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इस मुद्दे पर शरद पवार गुट से संपर्क साधा था, जिसके बाद समर्थन को लेकर सहमति बनने की चर्चा तेज हुई। हालांकि, एनसीपी (शरद पवार) की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पार्टी की वास्तविक और औपचारिक स्थिति तब स्पष्ट होगी, जब संसद के मानसून सत्र में यह संविधान संशोधन विधेयक पेश होगा। फिलहाल, बंद कमरे की बैठक और बदले राजनीतिक संकेतों ने महाराष्ट्र की सियासत में नई संभावनाओं और कयासों को जन्म दे दिया है।

















