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यूक्रेन: युद्ध के बीच यूलिया स्विरिडेन्को बनीं नई प्रधानमंत्री

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:14 जुलाई 2025
जेलेंस्की का बड़ा फैसला, अमेरिका से रिश्ते सुधारने की कोशिश

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन में सरकार के स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेंस्की ने मौजूदा प्रधानमंत्री डेनिस श्म्याहल को हटाकर डिप्टी पीएम यूलिया स्विरिडेन्को को देश की नई प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। यह कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है जब युद्ध की वजह से यूक्रेन लगातार राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव झेल रहा है।

कौन हैं यूलिया स्विरिडेन्को?

39 वर्षीय यूलिया स्विरिडेन्को पेशे से अर्थशास्त्री हैं और उन्हें जेलेंस्की का करीबी माना जाता है। उन्होंने 2008 में कीव यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में डिग्री हासिल की थी। राजनीति में आने के बाद उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2020 में वह राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़ीं और अमेरिका से खनिज सौदों की बातचीत की जिम्मेदारी निभाई। इसके एक साल बाद, 2021 में उन्हें डिप्टी प्रधानमंत्री और आर्थिक मंत्री बनाया गया।

डेनिस श्म्याहल को क्यों हटाया गया?

डेनिस श्म्याहल 2020 से प्रधानमंत्री पद पर थे और युद्ध के दौरान भी उन्होंने यह पद संभाला। हालांकि, युद्ध की वजह से प्रशासनिक कार्यों में रुकावटें आने लगी थीं और सरकार में बदलाव की जरूरत महसूस हो रही थी। जेलेंस्की को ऐसे उम्मीदवार की तलाश थी जो ईमानदार, अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय मामलों को समझता हो। यूलिया स्विरिडेन्को इन मानकों पर फिट बैठीं।

अमेरिका से रिश्तों की अहम कड़ी बनेंगी यूलिया

यूक्रेन इस समय रूस के हमलों से बुरी तरह प्रभावित है और उसे अमेरिका की मदद की सख्त जरूरत है। हालांकि, अमेरिका द्वारा समर्थन की बातें तो की जा रही हैं, लेकिन उनका ठोस असर मैदान में दिखाई नहीं दे रहा। माना जा रहा है कि यूलिया की नियुक्ति के पीछे जेलेंस्की की रणनीति अमेरिका के साथ बिगड़ते संबंधों को सुधारने की भी है।

फिलहाल अमेरिका में यूक्रेन का कोई राजदूत नहीं है। इस रिक्त पद पर नई नियुक्ति कराने में भी यूलिया की भूमिका अहम रहेगी। वे कूटनीतिक स्तर पर अमेरिका से संवाद बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकती हैं।

संसद की मुहर बाकी

हालांकि राष्ट्रपति ने यूलिया के नाम की घोषणा कर दी है, लेकिन उनके प्रधानमंत्री बनने के लिए यूक्रेनी संसद की मंजूरी जरूरी है। अगले कुछ दिनों में संसद की बैठक हो सकती है, जिसमें यूलिया के नाम पर औपचारिक मुहर लगेगी।

यूलिया की ताजपोशी यूक्रेन के लिए सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि कूटनीतिक दिशा में एक बड़ा संकेत भी है। उनकी नियुक्ति से देश में स्थिरता, अमेरिका से सहयोग और आर्थिक सुधार की नई उम्मीदें जुड़ी हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि युद्ध के इस कठिन दौर में यूलिया किस तरह से देश को आगे बढ़ाने में सफल होती हैं।

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