अलीगढ़, 04 सितंबर 2025।
उत्तर प्रदेश मत्स्यजीवी सहकारी संघ लिमिटेड के सभापति वीरू साहनी ने गुरुवार को सर्किट हाउस सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने मत्स्यपालकों के हित में संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता के साथ योजनाओं को धरातल पर लागू करने के निर्देश दिए।
तालाबों को कब्जामुक्त कर आवंटन सुनिश्चित
सभापति ने कहा कि ग्राम पंचायतों में स्थित सभी तालाबों को कब्जामुक्त कर शत-प्रतिशत आवंटन किया जाए। इससे जहां सरकार को राजस्व मिलेगा, वहीं मत्स्यपालकों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। सहायक निदेशक मत्स्य प्रियंका आर्या ने जानकारी दी कि जिले में 1234 तालाबों में से अब तक 752 तालाबों का आवंटन हो चुका है।
योजनाओं की स्थिति और प्रगति
बैठक में बताया गया कि अब तक 38 लाख मत्स्य बीज का वितरण किया जा चुका है, जबकि लक्ष्य 36 लाख का था। निषादराज बोट सब्सिडी योजना में वर्ष 24-25 के लिए 2 लाभार्थी और वर्ष 25-26 में 3 लाभार्थियों को स्वीकृति दी गई। मोपेड विद आइस बॉक्स योजना में 3 आवेदन स्वीकृत हुए। अकराबाद के बरहद गांव में 11 सोलर स्ट्रीट लाइट और 2 हाई मास्ट लाइट लगाई गई हैं।
केसीसी की धीमी प्रगति पर नाराजगी
सभापति ने विशेष रूप से केसीसी कार्ड की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। 105 के लक्ष्य के विरुद्ध 109 आवेदन भेजे गए थे, लेकिन केवल 1 ही स्वीकृत हुआ। उन्होंने बैंकर्स के साथ समन्वय बैठक कर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
मत्स्यपालकों की मांगें और आश्वासन
मत्स्यपालक भूरेलाल और विवेक गौतम ने निःशुल्क विद्युत कनेक्शन, मत्स्य उत्पादन के लिए एमएसपी निर्धारण तथा फीड के सैंपल की व्यवस्था की मांग उठाई। सभापति ने इन मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
नई समितियों को प्रमाण पत्र
इस अवसर पर 5 नई गठित सहकारी समितियों – दीनापुर, हमीदपुर, रामनगर, लोहगढ़ और शहरी मदनगढ़ी – को स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। बैठक में तहसीलदार कोल श्वेता जिंदल, सीओ तृतीय सर्वम सिंह, एडीओ पंचायत और अन्य मत्स्यपालक उपस्थित रहे।














