हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
एंटी पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान सरकार से जवाब मांगा, शिक्षा व्यवस्था, NTA और भर्ती परीक्षाओं को लेकर साधा निशाना
नई दिल्ली। सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर लोकसभा में हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के मुद्दे उठाते हुए सरकार से सवाल किया कि छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा, “क्या छात्र आतंकवादी थे कि उनके खिलाफ पैलेट गन और AK-47 जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया? इसका जवाब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को देना होगा।”
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और बल प्रयोग हुआ। उन्होंने कहा कि युवा केवल अपने भविष्य की सुरक्षा और निष्पक्ष परीक्षाओं की मांग कर रहे थे, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि देश में पिछले एक दशक में 152 बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिनसे करोड़ों अभ्यर्थी प्रभावित हुए, लेकिन किसी बड़े पेपर लीक माफिया को सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह विफल हो चुकी है और केवल नया कानून लाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
शिक्षा व्यवस्था पर हमला बोलते हुए प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने NTA के जरिए व्यवस्था का अत्यधिक केंद्रीकरण किया है और शिक्षा संस्थानों में वैचारिक हस्तक्षेप बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा बजट का वास्तविक हिस्सा लगातार घट रहा है, जबकि छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को अपने सलाहकार बदलने चाहिए और केवल समितियां बनाकर समस्या का समाधान नहीं होगा।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि पहले से मौजूद ऐसी अदालतों का रिकॉर्ड संतोषजनक नहीं रहा है। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और योग्य विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की।













