हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
दिल्ली में रविवार सुबह वायु गुणवत्ता एक बार फिर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ‘समीर ऐप’ के अनुसार सुबह 10 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 302 दर्ज किया गया, जो “बेहद खराब” श्रेणी में आता है। राजधानी के 26 मॉनिटरिंग सेंटरों पर भी AQI बेहद खराब पाया गया। CPCB के मानकों के अनुसार 301 से 400 के बीच AQI “बहुत खराब” माना जाता है, जो श्वसन संबंधी समस्याओं और संवेदनशील लोगों के लिए जोखिम बढ़ाता है।
उधर, मौसम विभाग (IMD) ने भी ठंड और शीत लहर की चेतावनी दी है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम है। सुबह आर्द्रता 100 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। ठंड और हवा की कम गति भी प्रदूषण को नीचे फंसा रही है, जिससे AQI में गिरावट नहीं आ पा रही।
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सरकार ने एयर पॉल्यूशन कंट्रोल के लिए एक एक्सपर्ट ग्रुप गठित किया है। यह ग्रुप राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और कमी के लिए सुझाव देगा तथा एक प्रमुख थिंक टैंक की तरह कार्य करेगा। इसमें देश के जाने-माने डोमेन एक्सपर्ट शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल इम्प्लीमेंटेशन कमेटी भी बनाई गई है, जो कोर्ट और अन्य संस्थाओं द्वारा प्रदूषण पर जारी सभी निर्देशों को समय पर लागू करवाएगी तथा निगरानी करेगी।
सरकार का कहना है कि आबादी और वाहनों की तेज़ी से बढ़ोतरी, धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और पिछले वर्षों में नियंत्रण उपायों की कमी भी इस संकट के प्रमुख कारण हैं। सीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार वे सभी कदम उठा रही है जिन्हें पिछली सरकारों ने नहीं अपनाया था, ताकि दिल्ली को प्रदूषण के खतरे से बचाया जा सके।

















