• Home
  • देश-विदेश
  • क्या यौन तस्करी का रैकेट चला रहा था एपस्टीन? FBI जांच में चौंकाने वाले निष्कर्ष
Image

क्या यौन तस्करी का रैकेट चला रहा था एपस्टीन? FBI जांच में चौंकाने वाले निष्कर्ष

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

एफबीआई की लंबी जांच क्या कहती है

जेफ्री एपस्टीन को लेकर वर्षों से यह सवाल उठता रहा है कि क्या वह शक्तिशाली लोगों के लिए संगठित यौन तस्करी का रैकेट चला रहा था। अब एफबीआई और अमेरिकी न्याय विभाग की आंतरिक जांच फाइलों से सामने आया है कि एपस्टीन ने नाबालिग लड़कियों का गंभीर यौन शोषण किया, लेकिन बड़े और संगठित यौन तस्करी नेटवर्क के ठोस सबूत नहीं मिले। एजेंसियों ने उसके बैंक रिकॉर्ड, ईमेल, संपत्तियों, संपर्कों और दुनियाभर में फैले संबंधों की गहन जांच की।

पीड़िताओं के बयान और सबूतों की कमी

जांच में दर्जनों पीड़ित सामने आए। एक पीड़िता ने दावा किया था कि एपस्टीन उसे अपने अमीर और प्रभावशाली दोस्तों के पास भेजता था। हालांकि, एफबीआई एजेंट इस दावे की पुष्टि नहीं कर सके और कोई अन्य पीड़िता भी इसी तरह की कहानी लेकर सामने नहीं आई। कुछ मामलों में बयान बदलने से अभियोजन को कोर्ट में आरोप साबित करना कठिन हो गया।

वीडियो, तस्वीरें और डिजिटल रिकॉर्ड

एपस्टीन के न्यूयॉर्क, फ्लोरिडा और वर्जिन द्वीप समूह स्थित घरों से बड़ी मात्रा में वीडियो, तस्वीरें और डिजिटल फाइलें जब्त की गईं। अभियोजकों के मुताबिक, इनमें पीड़ितों के साथ दुर्व्यवहार तो दिखा, लेकिन किसी अन्य प्रभावशाली व्यक्ति को अपराध में शामिल दिखाने वाला ठोस सबूत नहीं मिला। एक डिवाइस में इंटरनेट से डाउनलोड की गई बाल यौन शोषण सामग्री भी पाई गई, पर उससे नेटवर्क साबित नहीं हुआ।

बैंक रिकॉर्ड और भुगतान

जांच में बैंक रिकॉर्ड से 25 से अधिक महिलाओं को भुगतान के सबूत मिले, जिनमें कई मॉडल जैसी प्रोफाइल वाली थीं। लेकिन अभियोजकों का कहना है कि केवल भुगतान दिखने से यह साबित नहीं होता कि उन्हें अन्य पुरुषों के लिए वेश्यावृत्ति में लगाया गया था। कानूनन अपराध साबित करने के लिए इससे ज्यादा ठोस सबूत जरूरी थे।

केस का इतिहास और सजा

एपस्टीन जांच 2005 में शुरू हुई थी। 2009 में प्ली डील के तहत उसे 18 महीने की सजा मिली, लेकिन वह जल्दी रिहा हो गया। 2019 में दोबारा गिरफ्तारी के बाद उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी करीबी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल को 2021 में दोषी ठहराया गया और वह 20 साल की सजा काट रही है।

एफबीआई और अभियोजकों ने हर बड़े दावे की जांच की, लेकिन सबूतों की कसौटी पर बड़े यौन तस्करी नेटवर्क का आरोप टिक नहीं पाया। एजेंसियों का कहना है कि आरोप और अदालत में साबित होना दो अलग बातें हैं, इसलिए जिन मामलों में पुख्ता सबूत नहीं मिले, उन्हें आगे नहीं बढ़ाया गया।

Releated Posts

रूस के मेडिकल यूनिवर्सिटी हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र समेत कई घायल

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: उफा (रूस)। रूस के बश्कोर्तोस्तान रिपब्लिक की राजधानी उफा में स्थित स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के…

ByByHindustan Mirror News Feb 8, 2026

आज से दो दिवसीय मलेशिया दौरे पर पीएम मोदी, द्विपक्षीय रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार 7 फरवरी 2026 से मलेशिया की दो दिवसीय आधिकारिक…

ByByHindustan Mirror News Feb 7, 2026

सऊदी अरब में भारतीय कंपनी के स्टॉल पर नस्लीय टिप्पणी, वीडियो वायरल होने से मचा बवाल

रियाद ट्रेड इवेंट का बताया जा रहा वीडियोसऊदी अरब के रियाद में आयोजित एक ट्रेड इवेंट से जुड़ा…

ByByHindustan Mirror News Feb 7, 2026

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नई रफ्तार, जयशंकर की वाशिंगटन में अहम मुलाकातें

नई दिल्ली/हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:भारत और अमेरिका के बीच व्यापार एवं रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती मिलती नजर आ…

ByByHindustan Mirror News Feb 4, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top