मार्ग विवाद बना मुख्य कारण, तीन दिन की खींचतान के बाद भी नहीं बनी सहमति
अलीगढ़ के कनवरीगंज क्षेत्र में रामनवमी पर शुक्रवार को निकलने वाली करीब 100 वर्षों पुरानी ऐतिहासिक शोभायात्रा इस वर्ष रद्द कर दी गई। यह दूसरी बार है जब यह परंपरा टूटी है, इससे पहले वर्ष 2006 के दंगों के दौरान भी शोभायात्रा स्थगित करनी पड़ी थी।
इस बार विवाद शोभायात्रा के मार्ग को लेकर खड़ा हुआ, जो तीन दिनों तक चली तनातनी के बाद भी सुलझ नहीं सका। श्री दुर्गा महारानी मंदिर समिति और मेला कमेटी ने सीधे मार्ग से शोभायात्रा निकालने की मांग रखी, जबकि प्रशासन केवल पारंपरिक मार्ग पर ही अनुमति देने के पक्ष में अड़ा रहा। कई दौर की बैठकों और बातचीत के बावजूद सहमति नहीं बन पाई, जिसके चलते अंततः आयोजन रद्द करना पड़ा।

अखिल मांगलिक का बड़ा बयान—अब अनुमति भी मिले तो नहीं निकलेगी शोभायात्रा
समिति अध्यक्ष अखिल मांगलिक ने साफ कहा कि अब अगर प्रशासन अनुमति भी देता है, तब भी शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी। उन्होंने इसे परंपरा और स्वाभिमान से जुड़ा निर्णय बताया।
समिति ने गुरुवार को बैठक कर शोभायात्रा के साथ-साथ कलश यात्रा को भी रद्द करने का निर्णय लिया। इस फैसले से न केवल स्थानीय लोग बल्कि अन्य धार्मिक संगठनों में भी गहरा रोष देखने को मिला।
तोड़फोड़ की कार्रवाई से भड़का माहौल, लोगों ने लगाया दबाव बनाने का आरोप
गुरुवार सुबह कटरा क्षेत्र में नगर निगम और बिजली विभाग की टीम बिना पूर्व सूचना के शोभायात्रा के पुराने मार्ग पर पहुंची और तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन का कहना था कि यह कदम मार्ग को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसे जानबूझकर दबाव बनाने की कार्रवाई बताया।
इस घटना के बाद क्षेत्र का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया और लोगों ने मौके पर विरोध जताया।
सोशल मीडिया पर फूटा आक्रोश, फैसले को बताया एकतरफा
शोभायात्रा रद्द होने के बाद इसका असर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स पर भी देखने को मिला। लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को जमकर कोसा।
कई पोस्ट में इसे आस्था से जुड़ा मुद्दा बताते हुए प्रशासन के निर्णय को एकतरफा करार दिया गया। कुछ लोगों ने इसे भगवान का अपमान बताया और प्रशासन से बेहतर समन्वय की मांग की।
काली पट्टी बांधकर विरोध, क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात
आयोजकों और स्थानीय लोगों ने काली पट्टी बांधकर मौन विरोध जताया। उनका कहना था कि 90 साल से अधिक पुरानी परंपरा का इस तरह टूटना उचित नहीं है।
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए कनवरीगंज और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कटरा और कनवरीगंज क्षेत्रों में आरएएफ की तैनाती के चलते पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया और सन्नाटा व गंभीरता का माहौल बना रहा।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल, भाजपा के खिलाफ नारेबाजी
इस पूरे मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि संकट के समय कोई भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़ा नजर नहीं आया।
भीड़ में आक्रोश इतना बढ़ गया कि भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी शुरू हो गई, जिससे राजनीतिक माहौल भी गरमा गया।
संघ पदाधिकारियों ने किए समाधान के प्रयास
शहर विधायक मुक्ता राजा सहित संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी पूरे दिन विवाद को सुलझाने में जुटे रहे। उन्होंने प्रशासन और मंदिर समिति के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए कई स्तर पर बैठकें और वार्ताएं कीं, लेकिन अंतिम समय तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।
सांसद सतीश गौतम ने मामले को शासन स्तर तक पहुंचाया ,देर रात बनी सहमति—कलश यात्रा और मुख्य डोला निकलेगा
देर रात करीब डेढ़ बजे पूरे मामले में कुछ राहत मिली, जब कलश यात्रा और मां दुर्गा के मुख्य डोले को निकालने पर सहमति बनी।
भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष डा. विवेक सारस्वत ने बताया कि सांसद सतीश गौतम ने मामले को शासन स्तर तक पहुंचाया और मुख्य सचिव शशांक गोयल तथा मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद से वार्ता की।
इसके बाद यह तय हुआ कि रामनवमी पर कलश यात्रा और मां दुर्गा का मुख्य डोला कनवरीगंज से सब्जी मंडी चौराहा होते हुए निकाला जाएगा।
अब केवल सांकेतिक कार्यक्रम, भव्य मेला नहीं होगा
श्री दुर्गा महारानी मंदिर समिति ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष भव्य शोभायात्रा और मेला आयोजित नहीं किया जाएगा।
अब केवल सांकेतिक रूप से माता की प्रतिमा को निर्धारित मार्ग से ले जाया जाएगा। अखिल मांगलिक ने दोहराया कि यह निर्णय आस्था और स्वाभिमान को ध्यान में रखकर लिया गया है।
प्रशासन का पक्ष—परंपरागत मार्ग ही सुरक्षित
एडीएम सिटी किनसुक श्रीवास्तव ने कहा कि मेला कमेटी के पदाधिकारियों से वार्ता जारी है और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए परंपरागत मार्ग से ही यात्रा निकालने को कहा गया है।
ट्रैफिक डायवर्जन लागू, कई मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध
रामनवमी के अवसर पर शहर में भारी भीड़ को देखते हुए दोपहर तीन बजे से ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा।
शोभायात्रा पथवारी मंदिर नगला मसानी से शुरू होकर खैर रोड, सब्जी मंडी चौराहा, देहलीगेट चौराहा, कनवरीगंज, कटरा महावीरगंज, बारहद्वारी चौराहा, पत्थर बाजार, रेलवे रोड, मीरुमल चौराहा, मामू भांजा तिराहा, कंपनीबाग, गांधीपार्क बस अड्डा, जीटी रोड स्थित श्री दुर्गे मंदिर तक जाएगी और वापस उसी मार्ग से लौटेगी।
भारी वाहन, रोडवेज बस, महानगर बस सेवा, प्राइवेट बस और कॉमर्शियल वाहन बौनेर तिराहा, ओजोन सिटी कट, सारसौल चौराहा, क्वार्सी चौराहा, मथुरा रोड पुल और आगरा रोड पुल से डायवर्ट किए जाएंगे।
आंतरिक डायवर्जन और नो-ट्रैफिक जोन घोषित
लोडर, ऑटो, टेंपो और ई-रिक्शा जैसे छोटे वाहन कंपनीबाग और दुबे के पड़ाव की ओर प्रतिबंधित रहेंगे। इन्हें रसलगंज से कठपुला होकर सुभाष चौक की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
सासनीगेट से आने वाले वाहनों को भी कंपनीबाग की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी।
कबरकुत्ता तिराहा से कंपनीबाग चौराहा और मानिक चौक तिराहे तक क्षेत्र को नो-ट्रैफिक जोन घोषित किया गया है।
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