लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा 18 और 19 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार और आयोग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह परीक्षा प्रदेश के 6 शहरों—आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर—के 53 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में संपन्न होगी।
कड़े सुरक्षा इंतजाम और CCTV निगरानी
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों को जिला कंट्रोल रूम और आयोग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा गया है, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। आयोग द्वारा इनकी कनेक्टिविटी का परीक्षण भी सफलतापूर्वक कर लिया गया है।
हर जिले में प्रेक्षक तैनात
व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में आयोग के एक सदस्य को प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। गोरखपुर में डॉ. कृष्ण चंद्र वर्मा, प्रयागराज में डॉ. हरेन्द्र कुमार राय, वाराणसी में विमल कुमार विश्वकर्मा, आगरा में कीर्ति गौतम, मेरठ में प्रो. राधाकृष्ण और लखनऊ में योगेंद्र नाथ सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें भी लगातार निरीक्षण करेंगी।
नकल रोकने के लिए सख्ती
सरकार के निर्देशों के तहत परीक्षा के दौरान संदिग्ध और असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी। नकल कराने या परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। साथ ही केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी निर्देश
आयोग ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने और प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की है। किसी भी अफवाह से बचने और सही जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और ‘X’ हैंडल @upesscprayagraj पर अपडेट देखने की सलाह दी गई है।
#UPExam #AssistantProfessorExam #UttarPradesh #ExamAlert #NoCheating #EducationNews













