हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
लखनऊ। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा महापर्व है।
सीमावर्ती राज्यों से रहेगा समन्वय
मुख्यमंत्री ने हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कांवड़ संघों से नियमित संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
सड़क, चिकित्सा और खाद्य सुरक्षा पर विशेष जोर
सरकार ने यात्रा मार्गों की क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं यात्रा मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानों को बंद रखने तथा सभी दुकानों पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी सूचनाओं के तत्काल खंडन तथा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही डीजे की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने और स्थानीय प्रशासन को कांवड़ समितियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने को कहा गया है।
आचार्य डॉ. विक्रमादित्य, पीतांबरा पीठाधीश एवं विवेकानंद प्रतिष्ठान के अध्यक्ष ने कहा कि कांवड़ यात्रा तप, संयम और समर्पण का प्रतीक है। उनके अनुसार, सरकार द्वारा आस्था और अनुशासन के संतुलन पर दिया जा रहा जोर यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और गरिमामय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
















