हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
अंतर्वाली सारथी में मनोज जरांगे की बड़ी बैठक, आगे की रणनीति पर फैसला संभव
मुंबई/जालना। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल ने 29 जुलाई को जालना जिले के अंतर्वाली सारथी में मराठा समुदाय की अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक को लेकर उनकी टीम ने पूरे राज्य में समुदाय के लोगों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। समर्थकों से सुबह 10 बजे तक सभा स्थल पर पहुंचने का आह्वान किया गया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में आंदोलन की आगे की दिशा और संभावित रणनीति पर महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है।
दिल्ली दौरे के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
हाल ही में मनोज जरांगे ने दिल्ली के जंतर-मंतर का दौरा किया था, जहां उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से मुलाकात कर आंदोलन के लिए समर्थन की घोषणा की। इसके बाद उन्होंने 29 जुलाई को मराठा समुदाय के शक्ति प्रदर्शन का आह्वान किया। इस घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में मराठा आरक्षण का मुद्दा फिर से गर्म हो गया है।
ओबीसी कोटे में कुनबी आरक्षण की मांग
जरांगे पाटिल लगातार मराठा समाज को ओबीसी श्रेणी के तहत कुनबी प्रमाणपत्र देकर आरक्षण का लाभ देने की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि जिन 58 लाख रिकॉर्ड के आधार पर पात्रता सामने आई है, उन्हें जल्द प्रमाणपत्र जारी किए जाएं। साथ ही उन्होंने मांग की है कि इस प्रक्रिया की हर 15 दिन में समीक्षा हो और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
भूख हड़ताल से बनाया था दबाव
मई 2026 में मनोज जरांगे ने भीषण गर्मी के बीच अंतर्वाली सारथी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। तब राज्य सरकार की ओर से मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने उनसे मुलाकात कर उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने का भरोसा दिया था। हालांकि आंदोलन की प्रमुख मांगें अब भी पूरी तरह लागू नहीं होने से समर्थकों में असंतोष बना हुआ है।
अब सबकी नजर 29 जुलाई की बैठक पर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 29 जुलाई की बैठक मराठा आरक्षण आंदोलन के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। यदि आंदोलन को फिर से तेज करने का फैसला होता है, तो इसका असर राज्य की राजनीति और सरकार की रणनीति पर भी देखने को मिल सकता है।

















