हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने दावा किया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुप्त रूप से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का दौरा किया और वहां राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। इजराइल की ओर से कहा गया कि यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों में “ऐतिहासिक सफलता” लेकर आया है।
हालांकि UAE ने तुरंत इस दावे को खारिज कर दिया। अमीराती अधिकारियों ने साफ कहा कि नेतन्याहू का ऐसा कोई दौरा नहीं हुआ और न ही किसी इजराइली प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की गई। इस विरोधाभासी बयान के बाद पश्चिम एशिया की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।
ईरान के विदेश मंत्री का तीखा बयान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि नेतन्याहू के बयान ने साबित कर दिया है कि ईरानी सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही इस तरह की गतिविधियों से अवगत थीं।
अरागची ने कहा कि ईरान के लोगों के खिलाफ साजिश करना “बेहद मूर्खतापूर्ण” कदम है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग इजराइल के साथ मिलकर क्षेत्र में फूट डालने की कोशिश करेंगे, उन्हें कड़ा जवाब दिया जाएगा। उनके बयान से साफ संकेत मिला कि ईरान इस मुद्दे को गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में देख रहा है।
लेबनान में जारी इजराइली हमले
दूसरी ओर इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखे हैं। ताजा हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत की खबर है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं। लगातार हो रहे हमलों से मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष की आशंका भी बढ़ रही है।
चीन पहुंचे ट्रंप, ईरान युद्ध पर होगी चर्चा
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन पहुंच गए हैं, जहां उनकी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अहम वार्ता होगी। ट्रंप की यह दूसरे कार्यकाल की पहली चीन यात्रा मानी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक बातचीत का मुख्य मुद्दा ईरान युद्ध, समुद्री नाकेबंदी, व्यापारिक तनाव और ताइवान को अमेरिकी हथियार बिक्री रहेगा। अमेरिका चाहता है कि चीन ईरान से जुड़े संकट को कम करने में सहयोग करे।
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