हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
मुजफ्फराबाद और बहावलपुर में फिर शुरू हुआ निर्माण कार्य
ऑपरेशन सिंदूर के करीब एक साल बाद पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को दोबारा खड़ा किए जाने की खबरों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सामने आई नई तस्वीरों में मुजफ्फराबाद और बहावलपुर स्थित उन ठिकानों पर निर्माण कार्य चलता दिखाई दे रहा है, जिन्हें भारतीय कार्रवाई में भारी नुकसान पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार इन ठिकानों के पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक मदद दे रही है।
जैश के मरकज बिलाल के लिए जारी हुए 4 करोड़ रुपये
जानकारी के मुताबिक मुजफ्फराबाद स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मरकज बिलाल को दोबारा तैयार करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने करीब 4 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह इलाका अभी भी पाकिस्तानी सेना की सुरक्षा में बताया जा रहा है। खुफिया सूत्रों का दावा है कि इस केंद्र का इस्तेमाल युवाओं के ब्रेनवॉश और कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए किया जाता था। यहां से युवाओं को आगे बहावलपुर भेजकर आतंकी ट्रेनिंग दी जाती थी।
भारत के खिलाफ नए ‘डर्टी प्लान’ की आशंका
भारतीय खुफिया एजेंसियां इन गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि यह केवल पुनर्निर्माण नहीं बल्कि भारत के खिलाफ नए ‘डर्टी प्लान’ की तैयारी हो सकती है। तस्वीरों में कई जगह नए बंकर, अस्थायी लॉन्च पैड और हाई-टेक ट्रेनिंग कैंप नजर आने का दावा किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान अब आतंकियों के लिए पहले से अधिक आधुनिक और छिपे हुए ठिकाने तैयार कर रहा है।
बदली पाकिस्तान की रणनीति

सूत्रों के मुताबिक इस बार बड़े कैंपों की जगह छोटे और मिनी टेरर कैंप बनाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें ड्रोन और सैटेलाइट से आसानी से पहचाना न जा सके। ये कैंप जंगलों, पहाड़ी इलाकों और दुर्गम क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पाकिस्तान की सेना और ISI इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रही हैं और आतंकी ढांचे को सुरक्षा भी प्रदान की जा रही है।
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