हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
तीन नोटिस के बाद भी सामने नहीं आया कोई जिम्मेदार
उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow स्थित King George’s Medical University (KGMU) परिसर में बनी 8 मजारों में से 6 को प्रशासन ने अवैध घोषित कर दिया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जिला प्रशासन और पुलिस को पत्र भेजकर इन मजारों को हटाने की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि तीन-तीन नोटिस जारी करने के बावजूद इन मजारों का कोई जिम्मेदार सामने नहीं आया, इसलिए इन्हें ‘लावारिस’ मानते हुए अवैध श्रेणी में रखा गया है।
महिला स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा जांच में खुलासा
बताया जा रहा है कि अगस्त 2024 में R.G. Kar Medical College and Hospital में महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुई रेप और हत्या की घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के मेडिकल संस्थानों को महिला स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में सितंबर 2024 में KGMU प्रशासन ने परिसर का सुरक्षा ऑडिट कराया।
जांच के दौरान परिसर में ‘शाहमीना साहब की दरगाह’ और ‘हरमैन साहब की मजार’ समेत कुल 8 धार्मिक संरचनाएं मिलीं। प्रशासन के अनुसार, इनमें से 6 मजारों का निर्माण हाल के वर्षों में किया गया प्रतीत हुआ। ईंट, टाइल्स और अन्य निर्माण सामग्री के आधार पर यह अंदेशा जताया गया कि ये संरचनाएं नई हैं।
मरीजों के आवागमन में हो रही थी परेशानी
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि ये मजारें अस्पताल परिसर में मरीजों के आने-जाने वाले रास्तों पर बनी हुई हैं, जिससे खासकर गंभीर मरीजों और एम्बुलेंस संचालन में दिक्कतें आ रही थीं। इसके बाद सभी मजारों के जिम्मेदारों से वैध दस्तावेज मांगे गए।
दो प्राचीन मजारों के संचालकों ने आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत कर दिए, जिससे उनकी वैधता साबित हो गई। हालांकि बाकी 6 मजारों के संबंध में कोई भी व्यक्ति या समिति सामने नहीं आई।
बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी
KGMU के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने बताया कि वैध पाई गई दो मजारों से प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बाकी 6 मजारों को अवैध घोषित कर दिया गया है। कुलसचिव ने 12 तारीख को जिला प्रशासन और पुलिस को पत्र भेजकर इन संरचनाओं को हटाने के लिए समय निर्धारित करने का अनुरोध किया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जल्द ही इन पर बुलडोजर कार्रवाई हो सकती है।
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