हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
होटल मालिक के बयान से जांच का दायरा बढ़ा
नई दिल्ली। मालवीय नगर होटल अग्निकांड की जांच में होटल मालिक लवकेश बजाज के कथित बयान ने प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पूछताछ में लवकेश ने दावा किया है कि उसे आश्वस्त किया गया था कि नियमों को लेकर अधिक चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि “दिल्ली में सब चलता है।” इस बयान के सामने आने के बाद जांच एजेंसियां उन लोगों की पहचान करने में जुट गई हैं, जिन्होंने होटल संचालन और विस्तार को लेकर उसे ऐसे भरोसे दिए।
फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी का आरोप
सूत्रों के अनुसार, लवकेश ने पुलिस को बताया कि होटल की ऊंचाई 15 मीटर से कम होने के कारण उसे कहा गया था कि फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की आवश्यकता नहीं है। उसने यह भी दावा किया कि होटल में कमरों के विस्तार और निर्माण संबंधी बदलावों की सलाह उसे अन्य लोगों ने दी थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि क्या नियमों की अनदेखी जानबूझकर की गई थी या संबंधित विभागों की लापरवाही इसके पीछे थी।
तीन शहर, एक जैसी कहानी
दिल्ली के मालवीय नगर, बिहार के मुजफ्फरपुर और हैदराबाद में हाल के अग्निकांडों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। इन घटनाओं में फायर सेफ्टी मानकों के उल्लंघन, अपर्याप्त आपातकालीन इंतजाम और निगरानी की कमी जैसे मुद्दे सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हादसों के बाद कार्रवाई तो होती है, लेकिन जोखिमों की पहचान पहले नहीं की जाती।
कार्रवाई और जांच जारी
साकेत कोर्ट ने लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस की कई टीमें मामले की जांच कर रही हैं। होटल के दस्तावेजों, फायर एनओसी की स्थिति और निर्माण संबंधी अनुमतियों की पड़ताल की जा रही है। साथ ही शहरभर में फायर सेफ्टी जांच अभियान और आसपास की इमारतों का सुरक्षा ऑडिट भी शुरू किया गया है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये तथा गंभीर घायलों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
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