हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
- कलक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री ने की अलीगढ़ मंडल की विकास योजनाओं की समीक्षा
- सूतमिल, नादापुल और सासनी गेट फ्लाईओवर को मिली स्वीकृति, यातायात व्यवस्था होगी बेहतर
अलीगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर वर्ष 2026-27 की 5183.73 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी प्रदान कर दी। इस कार्ययोजना के तहत अलीगढ़ मंडल के चार जिलों अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज में कुल 1454 विकास कार्य कराए जाएंगे। इनमें सड़क, पुल, पुलिया और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़े निर्माण कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के निरीक्षण के बाद कलक्ट्रेट सभागार पहुंचे, जहां उन्होंने पीडब्ल्यूडी की पुरानी और नई परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान ने पिछले वर्ष की कार्ययोजना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में लगभग 2800 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं।
अलीगढ़ को मिला सबसे बड़ा हिस्सा
नई कार्ययोजना में अलीगढ़ जिले को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है। जिले में 2256.72 करोड़ रुपये की लागत से 573 विकास कार्य कराए जाएंगे। हाथरस में 1163.85 करोड़ रुपये से 370 कार्य, एटा में 1320.93 करोड़ रुपये से 273 कार्य तथा कासगंज में 442.22 करोड़ रुपये से 238 कार्य प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
तीन फ्लाईओवर से जाम से मिलेगी राहत
कार्ययोजना में अलीगढ़ शहर के लिए तीन महत्वपूर्ण फ्लाईओवर परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। सूतमिल चौराहा, नादापुल (खेरेश्वर क्षेत्र) और सासनी गेट पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। ये परियोजनाएं पिछले वर्ष भी प्रस्तावित थीं, लेकिन स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। अब मंजूरी मिलने के बाद शहर में बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
विधायकों से मांगे प्राथमिकता वाले प्रस्ताव
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से उनके प्रस्तावित कार्यों की जानकारी ली। कुछ विधायकों द्वारा अतिरिक्त कार्यों का सुझाव दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिकता वाले कार्यों की सूची लिखित रूप में उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें योजनाबद्ध तरीके से शामिल किया जा सके।
शिलापट्टिका पर सांसदों का नाम भी होगा दर्ज
मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि पीडब्ल्यूडी द्वारा विधायक निधि अथवा जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर कराए जाने वाले कार्यों की शिलापट्टिकाओं पर संबंधित सांसदों के नाम भी अनिवार्य रूप से अंकित किए जाएं। अब तक अधिकांश परियोजनाओं में केवल विधायक और अधिकारियों के नाम दर्ज किए जाते थे।
बैठक में अनुशासन पर भी जोर
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बैठक केवल पीडब्ल्यूडी की योजनाओं के लिए आयोजित की गई है। जब कुछ जनप्रतिनिधियों ने अन्य विभागों से जुड़े मुद्दे उठाने का प्रयास किया तो उन्होंने निर्देश दिया कि चर्चा केवल लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं तक सीमित रखी जाए।
बैठक में गन्ना मंत्री, शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, राजस्व राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर, राज्यमंत्री विजय सिंह, सांसद अनूप प्रधान, सांसद सतीश गौतम, मेयर चौधरी लक्ष्मी नारायण, एमएलसी डॉ. तारिक मंसूर, मंडलायुक्त संगीता सिंह, जिलाधिकारी अविनाश कुमार, सीडीओ योगेंद्र कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।













