हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
47 हजार रुपये के आभूषण खरीदने के बाद खुला कथित फर्जीवाड़ा
अलीगढ़ के खैर कस्बे में स्थित एसके ज्वैलर्स एंड बैंकर्स के संचालक और उनके परिवार के छह सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी, छेड़छाड़, धमकी और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला एक महिला ग्राहक द्वारा खरीदे गए सोने और चांदी के आभूषणों की शुद्धता को लेकर सामने आया है। थाना खैर में दर्ज एफआईआर के अनुसार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिल में बताई गई शुद्धता और जांच रिपोर्ट में मिला अंतर
एफआईआर के अनुसार मडराक क्षेत्र निवासी अंजली ने 21 मई 2026 को खैर स्थित एसके ज्वैलर्स एंड बैंकर्स से दो जोड़ी सोने के कुंडल और एक जोड़ी चांदी की पायल 47,200 रुपये में खरीदी थी। आरोप है कि बिल में सोने की शुद्धता 20 कैरेट (85 प्रतिशत) और चांदी की शुद्धता 75 प्रतिशत दर्ज की गई थी। बाद में परिचितों के संदेह जताने पर महिला ने आभूषणों की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में सोने की शुद्धता 15.53 कैरेट और 64.69 प्रतिशत तथा चांदी की शुद्धता 53.67 प्रतिशत पाई गई।
शिकायत करने पहुंची तो विवाद बढ़ा
महिला का आरोप है कि 5 जून को वह अपने परिचित के साथ ज्वैलर्स की दुकान पर पहुंची और जांच रिपोर्ट दिखाकर आभूषण वापस लेकर धनराशि लौटाने की मांग की। आरोप है कि दुकान संचालक प्रमोद वर्मा उर्फ बबली और उनके परिजनों ने आभूषण वापस लेने से इनकार कर दिया। महिला ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जातिसूचक शब्द कहे गए और दुकान से बाहर निकाल दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक आरोपी ने उसकी छाती पर हाथ मारते हुए धक्का दिया तथा दोबारा दुकान पर आने पर जान से मारने की धमकी दी।
पहले नहीं हुई कार्रवाई, कोर्ट जाने के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
एफआईआर के मुताबिक घटना के बाद पीड़िता थाना खैर पहुंची, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी। बाद में एससी/एसटी कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने 23 जून की रात मुकदमा दर्ज किया।
छह लोगों को बनाया गया आरोपी
पुलिस ने इस मामले में प्रमोद वर्मा उर्फ बबली, आशु वर्मा उर्फ आशुतोष वर्मा, हिमांशु वर्मा, वासु वर्मा, अमित वर्मा और सुमित वर्मा को नामजद आरोपी बनाया है। सभी आरोपी खैर स्थित एसके ज्वैलर्स एंड बैंकर्स से जुड़े बताए गए हैं। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी खैर को सौंपी गई है।
जांच शुरू, आरोपों की होगी पुष्टि
पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आभूषणों की गुणवत्ता, खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोप शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित हैं, जिनकी पुष्टि विवेचना के दौरान की जाएगी।














