हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
रजिस्ट्री से पहले निपटा लें काम, नई गाइडलाइन से संपत्ति का मूल्यांकन होगा आसान और पारदर्शी
अलीगढ़। अगर आप जमीन, मकान, दुकान या फ्लैट की रजिस्ट्री कराने की तैयारी कर रहे हैं तो इसे जल्द पूरा कर लेना बेहतर होगा। संभावना है कि 1 अगस्त से प्रदेश में सर्किल रेट में संशोधन लागू हो जाए। इसके लिए निबंधन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार पहली बार पूरे उत्तर प्रदेश में मानकीकृत (स्टैंडर्डाइज्ड) सर्किल रेट प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे संपत्तियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया एक समान और अधिक पारदर्शी बनेगी।
महानिरीक्षक निबंधन के निर्देश पर प्रदेश के सभी निबंधन कार्यालय अपने-अपने क्षेत्रों की नई मूल्यांकन सूची तैयार कर रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत संपत्तियों का मूल्यांकन दो प्रमुख श्रेणियों में किया जाएगा। पहली श्रेणी मुख्य सड़क (रोड सेगमेंट) पर स्थित संपत्तियों की होगी, जबकि दूसरी सड़क से भीतर स्थित संपत्तियों की होगी। इसके अलावा नगरीय, अर्द्धनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि, गैर-कृषि भूमि, दुकान, फ्लैट तथा औद्योगिक परिसरों के लिए अलग-अलग और स्पष्ट मानक तय किए गए हैं।
नई मार्गदर्शिका में केवल नियम ही नहीं, बल्कि उदाहरण और गणितीय सूत्र भी शामिल किए गए हैं, ताकि आम व्यक्ति बिना किसी बिचौलिए या अधिवक्ता की मदद के अपनी संपत्ति का मूल्य स्वयं समझ सके। भवन निर्माण की गुणवत्ता, वृक्ष, बोरवेल, सबमर्सिबल पंप, कुआं और मिश्रित उपयोग वाले भवनों के मूल्यांकन के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
एडीएम वित्त एवं राजस्व ने सहायक महानिरीक्षक निबंधन और सभी उप-निबंधकों को निर्देश दिए हैं कि इस मार्गदर्शिका को आम जनता तक पहुंचाया जाए। मानकीकृत मूल्यांकन सूची लागू होने के बाद प्रत्येक उप-निबंधक कार्यालय में संबंधित पृष्ठ संख्या सहित इसे सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे लोगों को संपत्ति का सही मूल्यांकन आसानी से मिल सके।
एआईजी स्टाम्प बृजेश कुमार ने बताया कि पूरे प्रदेश में एक समान सर्किल रेट व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और भविष्य में डिजिटल कैलकुलेटर आधारित शुल्क निर्धारण की मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। इसके लिए जल्द ही सर्वे शुरू किया जाएगा और संशोधित सर्किल रेट 1 अगस्त से लागू किए जा सकते हैं।















