हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
बिना अनुमति फ्लेवर मिलाने और उम्र संबंधी दावों में अनियमितताओं पर मांगा जवाब
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शराब बनाने वाली कई कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (अल्कोहलिक बेवरेजेज) रेगुलेशन, 2018 के कथित उल्लंघन के मामले में की गई है। FSSAI ने संबंधित कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई क्यों न की जाए।
FSSAI के अनुसार, जांच के दौरान पाया गया कि कुछ कंपनियां रम, ब्रांडी, जिन, माल्ट/ग्रेन व्हिस्की, वाइन और बीयर जैसे उत्पादों में ऐसे अतिरिक्त फ्लेवर का उपयोग कर रही हैं, जो उनके प्राकृतिक स्वाद और सुगंध की नकल करते हैं। जबकि नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि इन मादक पेय पदार्थों में केवल उनका प्राकृतिक स्वाद और सुगंध ही होनी चाहिए। बिना अनुमति कृत्रिम फ्लेवर का इस्तेमाल उपभोक्ताओं को भ्रमित करने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा मानकों का भी उल्लंघन है।
इसके अलावा, कई फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) पर शराब की उम्र (Age) को लेकर भ्रामक दावे करने का भी आरोप है। कुछ उत्पादों पर उम्र दर्शाने वाले शब्दों या अप्रत्यक्ष अभिव्यक्तियों का इस्तेमाल किया गया, जबकि इसके लिए निर्धारित नियामकीय प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। वहीं, जिन उत्पादों पर “Aged” लिखा गया है, उनमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि दर्शाई गई अवधि ब्लेंड में शामिल सबसे कम उम्र वाली स्पिरिट की है या नहीं।
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि सभी लाइसेंसधारी कंपनियों को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। संबंधित कंपनियों को नोटिस का जवाब देने और यह बताने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। प्राधिकरण का कहना है कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।













