पुलिस ने राहुल, प्रियंका, अखिलेश समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया, पीएम आवास के बाहर हाई-वोल्टेज प्रदर्शन
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन NEET और कथित पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता संसद से मार्च करते हुए प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और एनसीपी (शरद पवार) की नेता सुप्रिया सुले भी धरनास्थल पहुंचीं। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव सहित कई नेताओं को हिरासत में लेकर धरनास्थल खाली करा दिया।
सरकार बोली- चर्चा करेंगे, राहुल बोले- पहले इस्तीफा
धरने के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे और राहुल गांधी से करीब 30 मिनट तक बातचीत की। उन्होंने बताया कि सरकार संसद में NEET और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि राहुल गांधी ने कहा कि केवल चर्चा पर्याप्त नहीं है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का आश्वासन भी दिया जाए। इसके बाद जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने चर्चा की मांग स्वीकार कर ली थी, लेकिन कांग्रेस ने अपनी शर्त बदल दी।
राहुल का आरोप- युवाओं का भविष्य संकट में
धरने से पहले राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के लिए अवसर लगातार खत्म हो रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था पूरी तरह अविश्वसनीय हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य के सवालों से बच रही है। राहुल ने कहा कि जिस देश में छात्र अपना भविष्य खो दें और मंत्री अपनी कुर्सी बचाने में लगे रहें, वहां न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती।
पीएम आवास के बाहर तनाव, पुलिस से धक्का-मुक्की
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने नेताओं से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया, लेकिन इनकार के बाद कार्रवाई करते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। प्रियंका गांधी को पुलिस वाहन में बैठाने के दौरान भी नारेबाजी होती रही। कांग्रेस नेताओं ने विरोध के प्रतीक के रूप में हाथों में सांकेतिक हथकड़ियां भी पहन रखी थीं।
राहुल की जनता से अपील
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लोगों से प्रधानमंत्री आवास के बाहर चल रहे धरने में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही से बच रही है और छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा रही है।













