हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और 10 साल की सजा का कानून तैयार; प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई से राहत का आश्वासन
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से पिछले 24 घंटे में छह बड़े फैसलों की घोषणा की है। सरकार ने आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने का भरोसा दिया है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की पहल पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन से जारी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। सरकार ने लिखित आश्वासन दिया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और परीक्षा सुधारों पर संसद के मानसून सत्र में चर्चा की जाएगी।
सरकार ने NEET पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने पर भी सहमति जताई है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्देश दिया है, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
कैबिनेट ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए कानून को और कठोर बनाने का फैसला किया है। प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक के दोषियों को 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा।
इसी क्रम में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। कुछ अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही NTA की डिजिटल सुरक्षा, डेटा प्रबंधन और परीक्षा प्रणाली की समीक्षा के लिए विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय स्वतंत्र समिति गठित की जा रही है।
शिक्षा मंत्रालय ने उच्च शिक्षा विभाग में भी बदलाव करते हुए सचिव विनीत जोशी की जगह नरेश पाल गंगवार को नया सचिव नियुक्त किया है। उधर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही CJP ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है। सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की वार्ता शनिवार को प्रस्तावित है। यदि बातचीत सफल नहीं होती है तो संगठन ने फिर से संसद मार्च की चेतावनी दी है।













