हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
NEET पेपर लीक के बाद सरकार लाएगी लोक परीक्षा संशोधन विधेयक-2026, विपक्ष पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मांगेगा जवाब
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोमवार को संसद का मानसून सत्र बेहद अहम होने जा रहा है। केंद्र सरकार लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। इस विधेयक का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर सख्त रोक लगाना तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए संसद में आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह विधेयक पेश करेंगे। प्रस्तावित संशोधनों में पेपर लीक मामलों की जांच और सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों की व्यवस्था, समयबद्ध चार्जशीट और तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने जैसे प्रावधान शामिल हैं। राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसे मामलों के लिए विशेष अदालतें नामित करने का अधिकार भी दिया जाएगा।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में छह सदस्यीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। यह समिति राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) समेत परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव देगी।
उधर, विपक्षी दल सोमवार सुबह रणनीति तय करने के लिए बैठक करेंगे। कांग्रेस सहित कई दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में NEET विवाद पर बयान देने और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगने की मांग करेंगे। विपक्ष का आरोप है कि केवल कानून में संशोधन से व्यवस्था की जवाबदेही तय नहीं होगी और सरकार को परीक्षा प्रणाली की विफलताओं पर स्पष्ट जवाब देना होगा।
संसद में सरकार जहां नए कानून के जरिए परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक और नैतिक जवाबदेही से जोड़कर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। ऐसे में सोमवार का दिन संसद के लिए परीक्षा सुधार और राजनीतिक टकराव—दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।













