हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
कोविड और सीमा तनाव के कारण 2020 से बंद था व्यापार; नवंबर तक सप्ताह में चार दिन होगा संचालन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
भारत और चीन के बीच छह वर्ष बाद सीमा व्यापार एक बार फिर शुरू हो गया है। सिक्किम के नाथू ला दर्रे और हिमाचल प्रदेश के शिपकी ला दर्रे के जरिए शनिवार से दोनों देशों के बीच मौसमी व्यापार की बहाली हुई। कोविड-19 महामारी और वर्ष 2020 में सीमा पर बढ़े तनाव के बाद यह व्यापार बंद कर दिया गया था।
पूर्वी सिक्किम स्थित नाथू ला में आयोजित उद्घाटन समारोह में दोनों देशों के अधिकारियों ने भाग लिया। समुद्र तल से 14 हजार फुट से अधिक ऊंचाई पर स्थित यह रणनीतिक दर्रा भारत-चीन व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। सिक्किम के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की सचिव कर्मा डी. युत्सो ने बताया कि मौजूदा व्यवस्था के तहत नवंबर तक प्रत्येक सप्ताह सोमवार से गुरुवार के बीच व्यापार संचालित होगा। इस वर्ष 38 पंजीकृत व्यापारियों को व्यापार पास जारी किए गए हैं।
इस मार्ग से अधिसूचित 36 प्रकार की वस्तुओं का व्यापार होगा। इनमें हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, पारंपरिक धार्मिक सामग्री, रेडीमेड परिधान तथा अन्य स्वीकृत वस्तुएं शामिल हैं। सीमा पर सुरक्षा के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत तैनात किया गया है। पहली बार नाथू ला में महिला आईटीबीपी प्लाटून की भी तैनाती की गई है।
गौरतलब है कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद नाथू ला दर्रा बंद कर दिया गया था। वर्ष 2006 में चार दशक से अधिक समय बाद इसे सीमा व्यापार के लिए फिर खोला गया था। इसके बाद 2020 में कोविड-19 और सीमा विवाद के चलते व्यापार दोबारा ठप हो गया था।
वहीं, हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित शिपकी ला दर्रे से भी व्यापार फिर शुरू हो गया। राज्य के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने 16 व्यापारियों को उनके घोड़ों के साथ तिब्बत के शिपकी गांव के लिए रवाना किया। यहां व्यापार पारंपरिक वस्तु विनिमय (बार्टर) प्रणाली के तहत होगा और व्यापारियों को 72 घंटे के भीतर लौटना होगा। इस अवसर पर 1.70 करोड़ रुपये की लागत से बने आधुनिक ‘छुप्पन ट्रेड मार्ट’ का भी उद्घाटन किया गया, जिससे सीमा व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है।













