हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में भी हंगामा, सड़क जाम और मतदान व्यवस्था पर उठे सवाल
इस्लामाबाद/मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जारी राजनीतिक असंतोष अब पाकिस्तान के प्रमुख शहरों तक फैल गया है। रविवार को रावलपिंडी प्रेस क्लब के बाहर बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें PoJK से जुड़े छात्र भी शामिल थे। प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई प्रदर्शनकारियों व छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया। फिलहाल फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चुनाव के दूसरे चरण में बाधित हुई मतदान प्रक्रिया
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब PoJK विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में भी व्यापक विरोध प्रदर्शन और प्रशासनिक अव्यवस्था देखने को मिली। दूसरे चरण में 21 सीटों पर मतदान होना था, जिनमें मुजफ्फराबाद डिवीजन की नौ सीटें तथा पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले PoJK शरणार्थियों के लिए 12 सीटें शामिल थीं। कई स्थानों पर प्रदर्शन और सड़क जाम के कारण मतदान प्रभावित हुआ।
कई पोलिंग बूथों तक नहीं पहुंच सकी चुनाव सामग्री
कोटली के LA-27 क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों द्वारा मुख्य सड़कें बंद किए जाने से चुनाव कर्मचारी और मतदान सामग्री समय पर पोलिंग स्टेशनों तक नहीं पहुंच सकी, जिससे मतदान स्थगित करना पड़ा। इसी तरह LA-28 मुजफ्फराबाद-II क्षेत्र के 71 मतदान केंद्रों तक भी चुनाव अधिकारी नहीं पहुंच सके। विपक्षी दलों ने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हुए चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
लॉन्ग मार्च और धरना जारी
इस्लामाबाद के डी-चौक पर प्रदर्शनकारियों ने धरना देते हुए मुजफ्फराबाद तक लॉन्ग मार्च का ऐलान किया। वहीं ड्रेक ईदगाह में पिछले करीब 50 दिनों से धरना जारी है, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। आयोजकों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। कुछ संगठनों ने चुनाव बहिष्कार और कम मतदान का भी दावा किया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।















