हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
घोसी, दुद्धी और फरीदपुर सीटों पर चुनाव टलने को लेकर विपक्ष ने सरकार और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अब करीब छह महीने का समय बचा है, लेकिन घोसी, दुद्धी और फरीदपुर विधानसभा सीटों पर अभी तक उपचुनाव नहीं कराए गए हैं। इन सीटों के लंबे समय से रिक्त रहने पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ते हुए चुनाव आयोग और केंद्र व राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि उपचुनाव कराना पूरी तरह चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र है।
सपा का आरोप- हार के डर से टाले जा रहे चुनाव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा संभावित हार के डर से उपचुनाव कराने से बच रही है। उनका कहना है कि यदि इन सीटों पर मतदान कराया जाता तो जनता का रुझान भाजपा के खिलाफ दिखाई देता, जिसका असर 2027 के विधानसभा चुनाव पर भी पड़ सकता था। सपा का दावा है कि सरकार राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव टालने की कोशिश कर रही है।
बीजेपी बोली- चुनाव आयोग का फैसला, हम हर चुनाव के लिए तैयार
बीजेपी प्रवक्ता हीरो बाजपेई ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उपचुनाव कराने का निर्णय पूरी तरह चुनाव आयोग का होता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा तीनों सीटों पर जीत दर्ज करने की स्थिति में है और पार्टी किसी भी चुनाव से पीछे हटने वाली नहीं है।
प्रशासनिक कारणों का भी दिया जा रहा हवाला
सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में विभिन्न राज्यों में चुनावी कार्यक्रम और प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण समय पर उपचुनाव कराना संभव नहीं हो पाया। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण अलग से उपचुनाव कराने पर पुनर्विचार किया गया है।
राजनीतिक बहस तेज
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपचुनाव टलने के पीछे प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों कारण हो सकते हैं। हालांकि विपक्ष इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में देरी का मुद्दा बना रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे चुनाव आयोग का स्वतंत्र निर्णय बता रहा है। ऐसे में इन तीन सीटों पर उपचुनाव को लेकर जारी असमंजस प्रदेश की राजनीति में नया विवाद बन गया है।













