हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
बिश्केक में जुटेंगे दुनिया के बड़े नेता, यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्ष के बीच भारत की कूटनीति पर रहेगी खास निगाह
बिश्केक। शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। इसके साथ ही पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित मुलाकात को लेकर भी वैश्विक कूटनीतिक हलकों में उत्सुकता है। यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होने वाली इस बैठक में भारत की संतुलित विदेश नीति पर दुनिया की नजर रहेगी।
SCO के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित समिट में सदस्य देशों के नेता बदलते वैश्विक समीकरणों, सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। भारत के लिए यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सितंबर में नई दिल्ली में होने वाली BRICS समिट से पहले यह प्रमुख नेताओं के साथ संवाद का अहम अवसर है।
पश्चिम एशिया संकट पर भी होगी चर्चा
SCO में ईरान की मौजूदगी के कारण पश्चिम एशिया का संघर्ष भी बैठक के एजेंडे में प्रमुख मुद्दा रह सकता है। बिश्केक में ईरान के साथ सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। ऐसे में इन देशों के बीच रिश्तों और क्षेत्रीय तनाव को लेकर चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत ईरान के रास्ते मध्य एशिया से संपर्क बढ़ाने को भी अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में रखता है।
भारत ने SCO में सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, कनेक्टिविटी, एकता और संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर जोर दिया है। आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ भारत का रुख भी समिट में प्रमुखता से सामने आने की संभावना है।
27 दस्तावेजों पर लग सकती है मुहर
SCO समिट में करीब 27 दस्तावेजों को अपनाने या उन पर हस्ताक्षर किए जाने का प्रस्ताव है। इनमें बिश्केक घोषणा-पत्र के अलावा जलवायु परिवर्तन, सूचना क्षेत्र और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े समझौते शामिल हैं। अपराध और मादक पदार्थों से निपटने, SCO साझेदारों के दर्जे तथा अफ्रीकी संघ के साथ सहयोग से जुड़े दस्तावेजों पर भी चर्चा होगी।
SCO Plus बैठक में सदस्य देशों के अलावा कई अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में बिश्केक समिट भारत के लिए वैश्विक और क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मंच बन गया है।
#SCOSummit #PMModi #Putin #XiJinping #India

















